बच्चे तो सबके होते हैं… आज हंसने का ‘इमोजी’ लगाने वालों ने मेरा भ्रम तोड़ दिया

बच्चे तो सबके होते हैं… आज हंसने का ‘इमोजी’ लगाने वालों ने मेरा भ्रम तोड़ दिया

बच्चे-बच्चे …यह सुनकर कुछ लोग तंग हो गए हैं, वे लाइब्रेरी में पढ़ने वाले युवाओं को उग्रवादी ही नहीं आतंकवादी करार देना चाहते हैं। चालीस-पचास दशक पार कर चुके हम बड़े 20-22 साल के युवाओं को बच्चे नहीं मान सकें तो …..हम बंट चुके हैं, बुरी तरह दरारें पैदा की गईं हैं…..याद रखिए इन दरारों […]

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