व्यंग – जब नुक्कड़ में मेरा सामना नए नए राष्ट्रवादी से हुआ

व्यंग – जब नुक्कड़ में मेरा सामना नए नए राष्ट्रवादी से हुआ

उस तरफ नुक्कड़ पे एक नवोदित राष्ट्रवादी भाई मिल गए थे। बड़े विद्वान, आधुनिक और आला-मिजाज… खिजाब से रँगे बालों का घना गुलछट, माथे पर तिलक, दाढ़ी-मूँछ सफाचट, कंधे पर केसरिया गमछा, नीली जीन्स और सूती का सफेद कुर्ता! मुँह में पान, कुर्ते की कॉलर के पीछे से झाँकती पीली जनेऊ और पैरों में घिसी […]

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