क्या आरक्षण एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज है?

क्या आरक्षण एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज है?

आरक्षण एम्पलॉयमेंट एक्सचेंज है? नहीं। स्वर्गीय वी पी सिंह कहते थे आरक्षण से नौकरियां नहीं सामाजिक पिछड़ों में विश्वास पैदा हुआ। उन्हें विश्वास हुआ कि इस ज़मीन पर उनका अस्तित्व है और आसमान में उनका हिस्सा। वो जो कल चंबल के बीहड़ों और सुकमा के जंगलों में शरण लेने को मजबूर थे वो मुख्यधारा की […]

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 नज़रिया – क्या हर समुदाय रिज़र्वेशन में अपना विकास ढूंढ रहा है ?

नज़रिया – क्या हर समुदाय रिज़र्वेशन में अपना विकास ढूंढ रहा है ?

पिछले कुछ समय से भारत में अशांति का माहौल पनपता जा रहा है। देश के अलग अलग हिस्सों से दो तीन सालों से सामाजिक आंदोलन के खबरें बढ़ रही है इसी कारण सामाजिक टकराव भी बढ़ रहा है इन आंदोलनों की पीछे कहीं न कहीं रिजर्वेशन की मांग की मांग छुपी हुई है, हर समुदाय […]

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 नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

आरक्षण से पहले जातिगत आधार पर हिंदुओं का ध्रुविकरण होता था, आरक्षण के उपरांत आरक्षण प्राप्त जातियों के भीतर का आक्रोश आखिर कहां फूटता, वह मुसलमानों के विरूद्ध इस्तेमाल होने लगा। पिछड़े,दलित तथा आदिवासियों का जीवन स्तर जितनी तेजी से सुधरा वे उतनी ही उग्रता से हिंदुत्व की ओर बढ़े। हिंदू बनने की इस होड़ […]

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