धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

‘‘हम भारत में धर्मनिरपेक्ष राज की बात करते हैं। लेकिन संभवतः हिंदी में ‘सेक्यूलर’ के लिए कोई अच्छा शब्द तलाशना भी मुश्किल है। कुछ लोग समझते हैं कि धर्मरिपेक्ष का मतलब कोई धर्मविरुद्ध बात है। यह बिल्कुल भी सही नहीं है। इसका मतलब तो यह है कि एक ऐसा राज जो हर तरह की आस्था […]

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 नेहरू और सुभाष चंद्र बोस की दोस्ती कि वो बातें जो आप नहीं जानते

नेहरू और सुभाष चंद्र बोस की दोस्ती कि वो बातें जो आप नहीं जानते

याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना.. ये लाइन फिल्मी जरूर है, मगर सुभाष और नेहरू का अफसाना किसी फ़िल्म की कथा से कम नही। ये दो युवा, दो जुदा शख्सियतें, जिनकी राहें भी जिंदगी अलग कर गयी, मगर जीवन की अंतिम सांस तक वह मित्रभाव और म्युचुअल रिस्पेक्ट बना रहा। गांधी के युग की शुरुआत […]

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 कश्मीरी ब्राम्हण राज कौल से पंडित नेहरू तक ?

कश्मीरी ब्राम्हण राज कौल से पंडित नेहरू तक ?

मोतीलाल नेहरू का परिवार मूलतः कश्मीर घाटी से था। अठारहवीं सदी के आरम्भ में पंडित राज कौल ने अपनी मेधा से मुग़ल बादशाह फरुखसियार का ध्यान आकर्षित किया और वह उन्हें दिल्ली ले आये जहाँ कुछ गाँव जागीर के रूप में मिले, हालाँकि फरुखसियार की हत्या के बाद जागीर का अधिकार घटता गया, लेकिन राज […]

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 1947 को नेहरू का दिया वो ऐतिहासिक भाषण और 2020 का भारत

1947 को नेहरू का दिया वो ऐतिहासिक भाषण और 2020 का भारत

14 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू ने एक ऐतिहासिक भाषण दिया था। जिससे उनकी एक विराट सोच और व्यक्तित्व झलकता है । द गार्डियन ने बीसवीं सदी के सबसे महान भाषणों में नेहरू  का यह भाषण सम्मिलित किया था। TRYST WITH DESTINY ( नियति से साक्षात्कार) अपने भाषण में नेहरू ने बहुत कुछ कहा और […]

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 पंडित नेहरू की नज़र से – ” भारत माता ” क्या है ?

पंडित नेहरू की नज़र से – ” भारत माता ” क्या है ?

पहले यह प्रसिद्ध उद्धरण, जो जवाहरलाल नेहरू की  डिस्कवरी ऑफ इंडिया से लिया गया है को पढें। ” कभी ऐसा भी होता कि जब मैं किसी जलसे में पहुंचता, तो मेरा स्वागत ‘भारत माता की जय’ नारे के साथ किया जाता। मैं लोगों से पूछ बैठता कि इस नारे से उनका क्या मतलब है? यह […]

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 भारतीय अस्मिता की खोज और जवाहरलाल नेहरू

भारतीय अस्मिता की खोज और जवाहरलाल नेहरू

नेहरु के जन्मदिन पर यह विद्वतापूर्ण लेख हिन्दी आलोचना के शिखर पुरुष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जेएनयू के प्रोफेसर रहे स्वर्गीय नामवर सिंह का नेहरू पर एक व्याख्यान है। आपको अगर अकादमिक रुचि है तो, आप यह लेख पढ़ सकते हैं। प्रथम प्रधानमन्त्री और आधुनिक भारत के निर्माता जवाहरलाल नेहरु लेखक भी थे। ‘The Discovery […]

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 27 मई 1964 – पंडित नेहरु को श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले थे वाजपेयी

27 मई 1964 – पंडित नेहरु को श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले थे वाजपेयी

27 मई 1964 के दिन जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु हो गयी थी. संसद में भारतीय जनसंघ के नौजवान नेता ,अटल बिहारी वाजपेयी ने 29 मई, 1964 को संसद में उन्हें श्रद्धांजलि दी .उनका भाषण प्रस्तुत है: यह भाषण संसद के रिकार्ड का हिस्सा है. राज्यसभा की 29 मई 1964 की कार्यवाही में छपा है […]

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 मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

पिछड़ों और दलितों की राजनीति ने 20 साल में ही वह गलती दुहरा दी, जिसे करने में कांग्रेस ने करीब 40 साल लगाए थे. यानी वे उन्हीं पुराने मुहावरों और मुद्दों पर चुनाव लड़ते रह गए जो कब के बासी हो चुके थे और वर्तमान जनमानस की हसरतों से मेल नहीं खाते थे. लोकसभा चुनाव […]

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 क्या है पंडित नेहरू द्वारा सुरक्षा परिषद् की स्थायी सदस्यता ठुकराने का सच?

क्या है पंडित नेहरू द्वारा सुरक्षा परिषद् की स्थायी सदस्यता ठुकराने का सच?

2014 के थोड़ा पहले ही कांग्रेस के वैचारिक आधार पर संघ और भाजपा से जुड़े लोगों का हमला शुरू हो गया था। इस हमले की जद में तो गांधी भी थे पर गांधी का विराट और वैश्विक व्यक्तित्व इतना अधिक करिश्माई है कि उन को किसी भी मूर्खतापूर्ण प्रलाप से लपेटना संभव नहीं हो पा […]

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 वो पत्र, जो नेहरु और सरदार पटेल ने एक-दूसरे को लिखा था?

वो पत्र, जो नेहरु और सरदार पटेल ने एक-दूसरे को लिखा था?

आज सरदार पटेल का जन्मदिन है। आज गुजरात मे उनकी एक विशालकाय प्रतिमा का अनावरण हो रहा है और देश मे एकता दिवस मनाया जा रहा है। कही रन फ़ॉर यूनिटी निकालीं जा रही है तो कहीं उन्हें किसी और तरह से याद किया जा रहा है। आज भारत का जो भौगोलिक स्वरूप हम नक्शे […]

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