OPINION

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ओवैसी ब्रांड सियासत के “मासूम दीवानों” से कुछ सवाल ??

  • September 11, 2021

ओवैसी एक राजनेता हैं, उसी तरह से जैसे मोदी हैं, फर्क बस इतना है कि मोदी ने हिन्दू ध्रुवीकरण के नाम पर सत्ता हासिल की है...

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नज़रिया – क्या अब आप धर्म देखकर ही पीड़ितों के लिए इंसाफ़ मांगेंगे ?

  • November 4, 2020

आंध्र प्रदेश के शहर विशाखापट्टनम में एकतरफा प्यार में नाकाम एक लड़के ने भरे बाजार 17 साल की लड़की का गला काट डाला, जिस वक्त घटना...

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NDA के लिए बिहार में 2014 का परिणाम दोहरा पाना आसान नहीं होगा

  • November 7, 2018

लोकसभा आम चुनाव में अभी 6 महीने का समय है, और मैं आज बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करूंगा बिहार राजनीति काफ़ी गर्म है बयानबाज़ी...

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नज़रिया – ये नाम बदलने वाली राजनीति दकियानूसी और सांप्रदायिक कुंठा का प्रतीक है

  • September 9, 2018

सावरकर ने अंग्रेज़ों को माफीनामा लिखा, आपने उन्हें ‘वीर’ माना और सावरकर के नाम के साथ वीर सावरकर लिख दिया, किसी ने रोका क्या? पंडित दीनदयाल...

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नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

  • September 3, 2018

कल मेरे एक संघी मित्र ने कहा कि आप क्या सोचते हैं कि – “यदि देश का बटवारा नहीं हुआ होता तो आज भारत दुनिया की...

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प्रताड़ित मुस्लिमों के पक्ष में मत दिखो, भाजपा का फायदा हो जाएगा

  • May 4, 2018

एक नया नैरेटिव है कि जिन्ना पर मत बोलो, भाजपा को फायदा हो जाएगा। प्रताड़ित मुस्लिमों के पक्ष में मत दिखो, भाजपा का फायदा हो जाएगा।...

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ज़रा सोचियेगा ! अगर तुम्हारी बेटी या बहन रेप की शिकार हो जाएँ तो ?

  • April 29, 2018

शर्म और हया जिसे इस्लाम में ईमान का एक हिस्सा कहा गया है. तुम्हें वो शर्म भी नहीं आई, तुम उस बच्ची गीता को भाभी कह...

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नज़रिया – ये सारे शहर में दहशत सी क्यूँ है?

  • March 26, 2018

कुछ सालों से भारत में धार्मिक त्यौहार एक त्यौहार के तौर पर नहीं मनाकर धौंस, धमकी, भयभीत करने और अपना मानसिक प्रदूषण निकालने का जरिया ज़्यादा...