नज़रिया – क्या अब आप धर्म देखकर ही पीड़ितों के लिए इंसाफ़ मांगेंगे ?

नज़रिया – क्या अब आप धर्म देखकर ही पीड़ितों के लिए इंसाफ़ मांगेंगे ?

आंध्र प्रदेश के शहर विशाखापट्टनम में एकतरफा प्यार में नाकाम एक लड़के ने भरे बाजार 17 साल की लड़की का गला काट डाला, जिस वक्त घटना को अंजाम दिया गया तब वहां काफी लोग थे,उसने तड़प तड़प कर वहीं दम तोड़ दिया, आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लड़के का नाम अनिल […]

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 नज़रिया – पैसे पेड़ पर नही ऊगते..

नज़रिया – पैसे पेड़ पर नही ऊगते..

हम जो लिब्रेलाइजेशन की औलादें है। हम जो पिछले बीस सालों में कॉलेज से निकलकर धन्धे पानी और जॉब में है.. एक घमण्ड में रहे। घमण्ड ये, की विकास सरकारें नही, हम करते हैं, जनता करती है। गुमान था, कि सरकार चाहे कोई आये, विकास तो होता रहेगा। इसलिए विकास “फार ग्रांटेड” था। तो हमें […]

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 सरकार से जवाबतलबी जारी रहनी चाहिये

सरकार से जवाबतलबी जारी रहनी चाहिये

किसान कर्जमाफी और रोज़गार की मांग अगर चिढ़ाने के लिए भी की जा रही हो तो भी इसका स्वागत किया जाना चाहिये। जब से पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हुये हैं और भाजपा की पराजय हुयी है तब से सोशल मीडिया में एक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। हिंदुत्व खतरे में हैं, और […]

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 NDA के लिए बिहार में 2014 का परिणाम दोहरा पाना आसान नहीं होगा

NDA के लिए बिहार में 2014 का परिणाम दोहरा पाना आसान नहीं होगा

लोकसभा आम चुनाव में अभी 6 महीने का समय है, और मैं आज बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करूंगा बिहार राजनीति काफ़ी गर्म है बयानबाज़ी अपने ज़ोर पर है सारी पार्टियां अपने आप को मज़बूत में दिखाने में लगी हुई है इन सब के बीच लगभग सारी पार्टियां तैयारी में लग चुकी है. अब […]

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 नज़रिया – ये नाम बदलने वाली राजनीति दकियानूसी और सांप्रदायिक कुंठा का प्रतीक है

नज़रिया – ये नाम बदलने वाली राजनीति दकियानूसी और सांप्रदायिक कुंठा का प्रतीक है

सावरकर ने अंग्रेज़ों को माफीनामा लिखा, आपने उन्हें ‘वीर’ माना और सावरकर के नाम के साथ वीर सावरकर लिख दिया, किसी ने रोका क्या? पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश में सांप्रदायिक बीज बोने में महत्तवपूर्ण योगदान दिया, आपने उन्हें अपना आदर्श माना किसी ने रोका क्या? आपने दीन दयाल उपाध्याय के नाम मुग़ल सराय रेलवे […]

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 नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

कल मेरे एक संघी मित्र ने कहा कि आप क्या सोचते हैं कि – “यदि देश का बटवारा नहीं हुआ होता तो आज भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति होता ?” मैंने कहा – “निश्चित रूप से परन्तु भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति बटवारे के बावजूद भी बन सकता था यदि देश में देशवासियों […]

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 प्रताड़ित मुस्लिमों के पक्ष में मत दिखो, भाजपा का फायदा हो जाएगा

प्रताड़ित मुस्लिमों के पक्ष में मत दिखो, भाजपा का फायदा हो जाएगा

एक नया नैरेटिव है कि जिन्ना पर मत बोलो, भाजपा को फायदा हो जाएगा। प्रताड़ित मुस्लिमों के पक्ष में मत दिखो, भाजपा का फायदा हो जाएगा। तो राय साहब का इसपर कुछ मत है। क्या है न सर की सही चीज के लिए फायदा और नुकसान की परवाह नहीं करनी चाहिए। भाजपा आज पूरे देश […]

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 ज़रा सोचियेगा ! अगर तुम्हारी बेटी या बहन रेप की शिकार हो जाएँ तो ?

ज़रा सोचियेगा ! अगर तुम्हारी बेटी या बहन रेप की शिकार हो जाएँ तो ?

शर्म और हया जिसे इस्लाम में ईमान का एक हिस्सा कहा गया है. तुम्हें वो शर्म भी नहीं आई, तुम उस बच्ची गीता को भाभी कह कह कर पोस्ट कर रहे हो. मैंने देखा तुम्हारी आई-डी, अच्छे से चैक किया. तुम ये जस्टीफ़ाई कर रहे थे कि गीता अपनी मर्ज़ी से शाहबाज़ के साथ गई. […]

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 निष्पक्ष होने की ज़रूरत है

निष्पक्ष होने की ज़रूरत है

हमारे देश में लगातार बलात्कार की घटनाये बढ़ती जा रही है. सबसे ज़्यादा दुःख की बात ये है कि छोटी मासूम बच्चियों के साथ ऐसी हैवानियत की जा रही है. अगर हम अपने देश को इस अपराध में देखे तो देश मे बालात्कार चौथे नम्बर पर आता है. यानी देश मे पैदा होने वाली लड़की […]

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 नज़रिया – ये सारे शहर में दहशत सी क्यूँ है?

नज़रिया – ये सारे शहर में दहशत सी क्यूँ है?

कुछ सालों से भारत में धार्मिक त्यौहार एक त्यौहार के तौर पर नहीं मनाकर धौंस, धमकी, भयभीत करने और अपना मानसिक प्रदूषण निकालने का जरिया ज़्यादा बना गए हैं, पिछले दिनों टोंक में और देश के कई शहरों में हिंदू नव वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर निकाले गए जुलूस के दौरान आगज़नी, मारपीट और […]

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