नज़रिया – महिला दिवस मनाया जाना, फख्र नहीं शर्म की बात

नज़रिया – महिला दिवस मनाया जाना, फख्र नहीं शर्म की बात

मर्द का नज़रिया… कब बदलेगा? आखिर क्या हैं महिला दिवस पर एक मर्द की राय.. ये सवाल हम-आप सभी ने साल में एक बार आने वाले महिला दिवस पर कई बार सुना होगा। सबके पास इसका बड़ा ही खूबसूरत जवाब भी हैं, कि मैं महिलाओं का सम्मान करता हूँ. बीवी के साथ खाना बनवाने में […]

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 बिलक़ीस बानो – "हिम्मत और बहादुरी की मिसाल"

बिलक़ीस बानो – "हिम्मत और बहादुरी की मिसाल"

क़ुदरत नें हिन्द के खज़ाने में किसी चीज़ की कमी शायद नही छोड़ी, यहाँ हर फ़िल्ड के माहिर मिलते हैं, यहाँ की औरतें भी हर दौर में हर समय अपनी मिसाल, अपनी पहचान की छाप एैसी छोड़ जाती हैं जिसे एक लंबे समय तक भुलाने वाले चाह कर भी भुला नही पाते हैं। ये हिन्द […]

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 क्या आप महिलाओं की इस सच्चाई से रूबरू हैं

क्या आप महिलाओं की इस सच्चाई से रूबरू हैं

आने वाले गुरुवार को हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाएंगे यही वो समय होता है जब महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रेम, सब एक साथ उमड़ कर आता है, इतिहास में से ढूंढ ढूंढ कर साहसिक महिलाओं के गाथायें छपी जाती है खेल, राजनीति, फ़िल्म, बिज़नेस से जुड़ी महिलाओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित करने वाले कार्यक्रमो […]

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 आज हमें जो पसंद आ रहा है, कल वही हमारे बच्चों के लिए वीभत्स होगा

आज हमें जो पसंद आ रहा है, कल वही हमारे बच्चों के लिए वीभत्स होगा

“देश” शो केस में रक्खा कोई मुर्दा एंटीक पीस नहीं है। अपने नागरिकों की धड़कनों में दिल का जगह धड़कता है देश। एक आज़ाद, मुकम्मल आत्मनिर्भर देश वही कहला सकता है जिसका हर नागरिक (बच्चा,बूढ़ा, जवान, मर्द, औरत,ट्रांसजेंडर, असक्षम, बीमार, स्वस्थ्य, ग़रीब, अमीर) बराबरी के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, घर, रोज़गार, जैसी मूलभूत सुविधाओं के […]

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