(मत) बोल के आजाद (नहीं) हैं लब तेरे

(मत) बोल के आजाद (नहीं) हैं लब तेरे

देश बदल रहा है। अब बोलने पर पाबंदी आयद की जा रही है। तरीका अलग है। यूं संवैधानिक तौर पर बोलने की आजादी है, लेकिन बोलना गुनाह बना दिया गया है। कह दिया गया है कि अगर बोलना है, तो सत्ता के समर्थन में बोलिए। हमारी हर नीति का समर्थन कीजिए। जो नहीं करेगा, वह […]

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