जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में

जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में

इंकलाबी सरजमीं मेरठ के इंकलाबी शायर मरहूम हफीज मेरठी साहब का एक शेर है- आज ये तय पाया है हूकुमत के इजारेदारों में जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में हफीज साहब ने ये लाइनें तब कहीं थीं, जब जून 1975 में इमरजेंसी लगी थी और उसका विरोध करने वालों को जेल […]

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