1947 के दंगों के समय मीडिया के रोल पर महात्मा गांधी के विचार

1947 के दंगों के समय मीडिया के रोल पर महात्मा गांधी के विचार

1947 में जब भारत विभाजन हुआ तो उसके पहले से ही साम्प्रदायिक दंगे भड़कने शुरू हो गए थे। साम्प्रदायिक दंगों का इतना बीभत्स रूप सामने आएगा, इसका अंदाज़ा शायद अंग्रेजों को भी नहीं था, और देश बांटने की कवायद में लिप्त, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेताओं को भी शायद यह आभास नहीं था, कि […]

Read More