नज़रिया – भारत का आधार धर्म नहीं धर्मनिरपेक्षता है

नज़रिया – भारत का आधार धर्म नहीं धर्मनिरपेक्षता है

सन् 85 के बाद पैदा होने वालों के साथ एक बड़ी दिक्कत हो रही है। इनमें से अधिकतर को देश और धर्म के बीच फर्क करना नहीं आ रहा है। ये दिक्कत कश्मीर में उन लोगों के साथ भी है जो सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं, और उनके भी साथ है जो बाकी भारत में […]

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 देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

एक वक्त वह भी था जहां हम भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और विभिन्न संप्रदायों के समूहों का देश, के रूप में देख सकते थे और इस बाबत संविधान या किसी और दस्तावेज़ में किसी प्रकार की कोई घोषणा करने की कहीं जरूरत नहीं थी. ना ही किसी प्रकार के आधिकारिक ऐलान की जरूरत थी. […]

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