भूख से बच्ची की हुई मौत, अधिकारियों ने कहा बुखार है वजह

भूख से बच्ची की हुई मौत, अधिकारियों ने कहा बुखार है वजह

नेहरू की आलोचना का वह अध्याय बड़ा चर्चित है जब लोहिया ने संसद में कहा था कि एक तरफ देश के गरीब आदमी की प्रतिदिन की आय तीन आना है, वहीं प्रधानमंत्री का दैनिक खर्च पच्चीस हजार रुपये है। क्या आज का हाल उससे अलग है? देश को जानना चाहिए कि जब देश के प्रधानमंत्री […]

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 अपने घर की ओर पैदल जा रहे मज़दूर, अलग-अलग स्थानों पर 22 की मौत

अपने घर की ओर पैदल जा रहे मज़दूर, अलग-अलग स्थानों पर 22 की मौत

हमने कल रात तक अलग अलग घटनाओं में 17 मजदूरों के मारे जाने की बात लिखी थी। अब यह संख्या बढ़कर 22 हो गई है। कोरोना से अब तक 29 मौतें हुई हैं, जबकि शहरों से अपने गांवों की ओर पैदल भागने के चलते अब तक 22 मजदूरों की जान चली गई है। दैनिक भास्कर […]

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 एक बांगला कविता जिसका हिंदी अर्थ है – "भात दे हरामज़ादे"

एक बांगला कविता जिसका हिंदी अर्थ है – "भात दे हरामज़ादे"

बांग्लादेश के कवि रफीक़ आज़ाद की एक कविता का शीर्षक है ‘भात दे हरामज़ादे’. रफीक़ की मूल बांग्ला कविता का हिंदी अनुवाद 1990 में ज्ञानरंजन की पत्रिका ‘पहल’ के 39वें अंक में प्रकाशित हुआ था. ‘पहल’ के उस खास अंक में पैंतालीस बाँग्लादेशीय कवियों की 103 कविताओं के साथ वहाँ के साहित्यकार बदरुद्दीन उमर के […]

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