आस्था और अराजक भीड़

आस्था और अराजक भीड़

आज़ाद भारत में भीड़ ने पहली घटना को अंजाम 6 दिसंबर 1992 को दिया था। ये इस देश की पहली भीड़ थी जो क़ानून को जूते की नोक पर रखकर आतंक एवं भय का माहौल बनाया था। ये अराजक भीड़ जहाँ जहाँ गई वहाँ इंसानियत का गला घोंटती हुई आगे बढ़ी। आज़ाद भारत के इतिहास […]

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 डरता हूँ कि कहीं इस डर से लोग सच बोलना न बंद कर दें

डरता हूँ कि कहीं इस डर से लोग सच बोलना न बंद कर दें

एक साया सा फ़ैल गया है हर सिम्त दिल के भीतर / और वहीं बैठ गया है चुपचाप आजकल एक डर मन करता है उस डर को उलीच दूँ यहां पर डर को उलीचना और भी ज्यादा डर से भर जाना है. सामने पार्क में खेलता बच्चा जोर से हंसता है और मैं उसकी हंसी […]

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