भारत गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में !

भारत गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में !

‘भारत गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में !’ क्या यह हेडलाइन किसी अखबार में पहले पन्ने पर बड़े बड़े फॉन्ट में आज कही छपी है ? कल सरकार ने इस वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही के परिणाम घोषित किये है 2020-21 की दूसरी तिमाही की जीडीपी में 7.5 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गई है और […]

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 गंभीर आर्थिक मंदी की चपेट में भारत, निपटने के लिए सरकार के पास क्या उपाय हैं ?

गंभीर आर्थिक मंदी की चपेट में भारत, निपटने के लिए सरकार के पास क्या उपाय हैं ?

शेयर मार्केट में अफरातफरी भरी गिरावट 8 नवंबर 2016 को लागू किये गए मूर्खतापूर्ण कदम नोटबंदी के परिणाम हैं। तब कहा गया था कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे। मित्रों हम उसी दूरगामी परिणाम की मंज़िल तक पहुंच गए हैं। आज (12 मार्च 2020) शेयर बाजार लगातार गिर कर 500 अंको की वृद्धि के साथ कुछ […]

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 यह तीन मामले भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य तय करेंगे

यह तीन मामले भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य तय करेंगे

मार्च का मध्य हिस्सा भारतीय इकानॉमी के दशा और दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है, इसके तीन प्रमुख कारण है – यस बैंक यस बैंक को 14 मार्च तक की डेडलाइन दे दी गई है। इस अवधि तक उसे 2 अरब डॉलर का फण्ड जुटाना है, यस बैंक भारतीय बैंकिंग […]

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 सरकार के राजस्व संग्रह में भारी कमी, आरबीआई से फिर पैसा लेने की तैयारी

सरकार के राजस्व संग्रह में भारी कमी, आरबीआई से फिर पैसा लेने की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के राजस्व संग्रह में लगातार कमी आ रही है। हर महीने होने वाला जीएसटी कर संग्रह अनुमान के अनुसार कम हो रहा है। सभी आर्थिक सूचकांक गिरावट और बेरोजगारी, भुखमरी, बैंकिंग घोटाले, बैंकों के एनपीए के आंकड़े वृध्दि की ओर हैं। राजस्व संग्रह में आई कमी के चलते केंद्र सरकार […]

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 क्या मोदी सरकार के इस कदम से, कैश वितरण प्रणाली में विदेशी कम्पनियों का कब्ज़ा हो जायेगा ?

क्या मोदी सरकार के इस कदम से, कैश वितरण प्रणाली में विदेशी कम्पनियों का कब्ज़ा हो जायेगा ?

देश के लाखों कर्मचारियों पर रोजगार का संकट आ गया है ओर देशी कम्पनियो की जगह विदेशी कम्पनियों को बड़ी चतुराई से अंदर किया जा रहा है देश की कैश इन ट्रांजिट यानी कैश वितरण प्रणाली के बिजनेस में शामिल साठ कंपनिया भारतीय रिजर्व बैंक के एक ताजा सर्कुलर से बन्द होने की कगार पर […]

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 बैंकों को गरीबी का जुर्माना दे रहे हैं भारतीय

बैंकों को गरीबी का जुर्माना दे रहे हैं भारतीय

स्टेट बैंक आफ इंडिया ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच उन खातों से 1771 करोड़ कमा लिया है,जिनमें न्यूनमत बैलेंस नहीं था। यह डेटा वित्त मंत्रालय का है। न्यूनतम बैलेंस मेट्रो में 5000 और शहरी शाखाओं के लिए 3000 रखा गया है। स्टैट बैंक आफ इंडिया ने जुलाई से सितंबर की तिमाही में 1581 […]

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