धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

‘‘हम भारत में धर्मनिरपेक्ष राज की बात करते हैं। लेकिन संभवतः हिंदी में ‘सेक्यूलर’ के लिए कोई अच्छा शब्द तलाशना भी मुश्किल है। कुछ लोग समझते हैं कि धर्मरिपेक्ष का मतलब कोई धर्मविरुद्ध बात है। यह बिल्कुल भी सही नहीं है। इसका मतलब तो यह है कि एक ऐसा राज जो हर तरह की आस्था […]

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 राहुल गांधी की कांग्रेस हिंदुत्व में खोज रही है अपना पुनरुद्धार

राहुल गांधी की कांग्रेस हिंदुत्व में खोज रही है अपना पुनरुद्धार

लगता है कांग्रेस के नेताओं का दिमाग़ साथ नहीं दे रहा। या ज़्यादा तेज़ दौड़ रहा है। कल कांग्रेस के एक यशप्रार्थी मित्र ने बताया कि जल्द राहुल गांधी को लेकर जयपुर जा रहे हैं। लगता है वहाँ कांग्रेस का हिंदूकरण होगा। इसके लिए उदार हिंदू संतों की खोज शुरू हो चुकी है। कांग्रेस के […]

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 देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

एक वक्त वह भी था जहां हम भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और विभिन्न संप्रदायों के समूहों का देश, के रूप में देख सकते थे और इस बाबत संविधान या किसी और दस्तावेज़ में किसी प्रकार की कोई घोषणा करने की कहीं जरूरत नहीं थी. ना ही किसी प्रकार के आधिकारिक ऐलान की जरूरत थी. […]

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