देश के सबसे सवेंदनशील मामले राम मंदिर व बाबरी मस्जिद की जमीन पर मालिकाना हक के लिए विवाद पर आज सुनवाई होने जा रही है. शीर्ष अदालत में इस साल यह सबसे अहम मामला है, जिस पर सबसे ज्यादा लोगों की निगाहें होंगी.
यह सुनवाई बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा अन्य की इस दलील को खारिज किया था कि याचिकाओं पर अगले आम चुनावों के बाद सुनवाई हो.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने साफ किया था कि अब सुनवाई नहीं टाली जाएगी और अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी.
इस पीठ ने पिछले साल पांच दिसंबर को स्पष्ट कर दिया  था कि वह आठ फरवरी से इन याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी और उसने पक्षों से इस बीच जरूरी संबंधित कानूनी कागजात सौंपने को कहा था.

ज्ञात रहे, वरिष्ठ वकीलों कपिल सिब्बल और राजीव धवन ने कहा था कि दीवानी अपीलों को या तो पांच या सात न्यायाधीशों की पीठ को सौंपा जाए या इसे इसकी संवेदनशील प्रकृति तथा देश के धर्मनिरपेक्ष ताने बाने और राजतंत्र पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए 2019 के लिए रखा जाए.

शीर्ष अदालत ने भूमि विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ 14 दीवानी अपीलों से जुड़े एडवोकेट ऑन रिकार्ड से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी जरूरी दस्तावेजों को शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को सौंपा जाए.