मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्रीनिवास तिवारी का कल निधन हो गया. लंबे समय से बीमार चल रहे श्रीनिवास तिवारी ने गुरुग्राम के एस्कॉर्ट फोर्टिस में अंतिम सांस ली.
उल्‍लेखनीय है कि श्री तिवारी लंबे समय से अस्‍वस्‍थ थे. उन्‍हें उपचार के लिए गुरुग्राम के एस्‍कॉर्ट फोर्टिस अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले 93 वर्षीय श्रीनिवास तिवारी को मंगलवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां पर चिकित्सकों ने भर्ती कर लिया था. गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों की सलाह पर बुधवार को उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था.
वे सन 1972 में समाजवादी पार्टी से मध्‍यप्रदेश विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए. और सन 1973 में इंदिरा गांधी के कहने पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. सन 1977, 1980 एवं 1990 में विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित. सन 1980 में अर्जुन सिंह के मंत्रिमंडल में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के मंत्री रहे.
1977 में विधायक चुने जाने के बावजूद विपक्षी पार्टी की सरकार बनने की वजह से उन्हें कोई बड़ा पद नहीं मिल सका. 1952 में विधायक चुने गए श्रीनिवास तिवारी पहली बार 1980 में अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में मंत्री पद से नवाजे गए. हालांकि, बाद में इस्तीफा देकर वह विधायक के रूप में ही सेवाएं करते रहे थे.
1985 में टिकट काटने की कवायद के बावजूद विंध्य का यह ‘सफेद शेर’ मुश्किलों के आगे झुका नहीं. 1990 में चुनाव जीतने के बाद वह विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए गए. 1993 में दिग्विजय सिंह के सत्ता में काबिज होने के बाद 10 साल तक वह विधानसभा अध्यक्ष रहे थे.

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Durgesh Dehriya

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