नागरिकता कानून का विरोध देश भर में चल रहा है।मध्यप्रदेश में भी नागरिकता कानून के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इंदौर में नागरिकता कानून का विरोध कर रहे माकपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश प्रजापति ने खुद के ऊपर घासलेट डाल के खुद को आग लगा ली। इस घटना के बाद वहाँ मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल प्रजापत को अस्पताल पहुँचाया गया। इसमें रमेश प्रजापति 90 प्रतिशत जल गए। फ़िलहाल  वे बयान देने कि स्थिति में नहीं हैं। गौरतलब है कि अब तक के विरोध में ऐसी घटना सामने नहीं आई थी।यह इस तरह की पहली घटना है।
रमेश प्रजापति के आत्मदाह पर पुलिस का कहना है कि रमेश प्रजापति 24 जनवरी को शाम 7 बजे गीता भवन चौराहे पर पहुँचे जहाँ जाकर उन्होंने खुद पर कैरोसिन डाल कर आग लगा ली। वहाँ मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने उन्हें पास के एमवाई हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आत्मदाह करने से पहले रमेश प्रजापति ने लोगों को पर्चे बांटे जिसपर नागरिकता कानून को काला कानून बताया था।उन पर्चों में भगत सिंह, असफाकउल्लाह खान और  बीआर अंबेडकर की तस्वीरें थीं और अंत में एक गीत की चंद लाइनें थीं- तू हिंदू बनेगा ना मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा।

इंदौर माकपा जिला सेक्रेटरी छोटेलाल सरावत ने ट्रिब्यून हिंदी डॉट कॉम से बात करते हुए बताया कि

“कॉमरेड विचारधारा के लोग ऐसे घटनाक्रम के समर्थक नहीं होते हैं। जो घटनाक्रम हुआ है उसका हमें बहुत दुख है। ऐसा कदम उन्हें उठाना नहीं चाहिए था। वह व्यक्ति समझदार व्यक्ति है और आज के पार्टी मेंबर नहीं है काफी समय से पार्टी मेंबर हैं।
उनके बेटे के बयान कि इस मुद्दे को राजनीतिक मोड़ ना दिया जाए इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि:  “हम इसे राजनीतिक मोड़ देना ही नहीं चाहते। उनके द्वारा ही लोगों के बीच पर्चे बांटे गए जिस पर उनके हस्ताक्षर थे।”

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Sangam Dubey

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