January 23, 2022
देश

कोरोना में अब गाइडलाइंस के साथ होंगे UPSC एग्जाम

कोरोना में अब गाइडलाइंस के साथ होंगे UPSC एग्जाम

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021, 7 जनवरी को देश भर में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसकी नोटिफिकेशन संघ लोक सेवा आयोग ने ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। ये नोटिफिकेशन तब जारी की गई है जब कुछ UPSC प्रतिभागियों ने कोरोना के चलते UPSC की मेंस परीक्षा पोस्टपोन करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट (delhi high court) ने इस याचिका को खारिज़ कर दिया।

कोरोना के बीच होगी परीक्षा :

UPSC ( union public service commission) ने मुख्य परीक्षा देश भर में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच आयोजित करने का फैसला लिया है। इससे पहले 2021 में परीक्षा पोस्टपोन की जा चुकी थी। कोरोना की सेकेंड वेव के चलते जून- जुलाई 2021 में होनी वाली प्रिलिम्स परीक्षा सितंबर में आयोजित की गई थी। वहीं अब जनवरी में मुख्य परीक्षा होनी हैं। मुख्य (mens) परीक्षा 7 जनवरी, 8, 9, 15 और 16 जनवरी को आयोजित की जाएगी।

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बात UPSC 2021 के शिड्यूल की कि जाए तो मार्च 2021 में रजिस्ट्रेशन हुए थे। 16सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच एडमिट कार्ड जारी किए गए थे। परीक्षा 10 अक्टूबर के बाद  आयोजित हुई थी और 29 अक्टूबर को परिणाम घोषित कर दिया गया था। दिसम्बर महीने में मेंस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हुए थे। उसके बाद अब जनवरी में मेंस (मुख्य) परीक्षा आयोजित की जा रही है। फरवरी के अंत में निबंध परीक्षा (Essay writing) के लिए रजिस्ट्रेशन शुरु होंगे और ये परीक्षा 5 जून को आयोजित की जाएगी।


UPSC का राज्यों सरकारों से अनुरोध :

सिविल सर्विस की परीक्षा एकमात्र ऐसी परीक्षा है जिसमे देश भर के लाखों अभियार्थी भाग लेते हैं। ऐसे में कोरोना के चलते अभियर्थियों का परीक्षा केंद्र पर पहुंचना मुश्किल हो सकता है। इसलिए UPSC संघ लोक सेवा आयोग ने सभी राज्यों सरकारों से विशेष अनुरोध करते हुए कहा है कि वो उम्मीदवारों और परीक्षा अधिकारियों को असुविधा न हो इसका ख्याल राज्यों सरकारों को रखना है।

UPSC की तरफ से जारी नोटिस में राज्यों सरकारों से कहा गया है की, उम्मीदवारों और परीक्षा अधिकारियों के लिए यातायात सुविधा पर विशेष ख्याल रखना है। परीक्षा के एक दिन पहले राज्य सरकार उम्मीदवारों के लिए सार्वजनिक परिवहन को आवयश्क रूप से चालू कर सकती है। वहीं उम्मीदवार जो कंटेंटमेंट ज़ोन से आ रहें हैं या माइक्रो-कंटेंटमेंट ज़ोन से आ रहें हैं उनके ई-एडमिट कार्ड और अधिरिकरियों के आई कार्ड को पास के तौर पर समझा जा सकता है।

कोरोना गाइडलाइंस का रखा जाए पूरा ध्यान :

जारी नोटिफिकेशन के आधार पर परीक्षा वाले दिन कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कोरोना गाइडलाइंस का विशेष ध्यान रखेंगी। इसमें हाइजीन, फेस मास्क लगाना, फेस शील्ड लगाना, टेम्परेचर मापना, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग शामिल हैं। वहीं परीक्षा देते आए किसी भी उम्मीदवार में अगर खाँसी, सांस लेने में दिक्कत या कोई दूसरे लक्षण दिखते हैं तो उसके लिए अलग एग्जाम रूम होगा।

परीक्षा आगे बढ़ने के लिए दी गयी थी याचिका :

बीते दिनों UPSC मेंस परीक्षा के आयोजित होने पर अटकलें लगी हुई थी। इसका कारण ये था की कुछ उम्मीदवारों ने दिल्ली उच्च न्यायालय (delhi high court) में परीक्षा को आगे बढ़ने के लिए याचिका दी  थी। ये याचिका देश भर में कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रोन के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए दी गयी थी। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को खारिज़ कर दिया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने परीक्षा के आयोजन पर मोहर लगा दी।

 

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उम्मीदवारों ने जो याचिका दायर की थी उसमें कहा गया था की, ” अगर कुछ उम्मीदवार कोरोना के साथ परीक्षा देते हैं तो इसका नुकसान अन्य उम्मीदवारों को भी हो सकता है क्योंकि उन्हें कई घण्टे एक ही रूम में एकसाथ परीक्षा लिखनी हैं। वहीं UPSC नीति के अनुसार अगर कोई उम्मीदवार कोरोना संक्रमित होता है तो उस उम्मीदवार को बाद के पेपर देने से भी रोक दिया जाएगा। ऐसे में पेपर देना अन्य उम्मीदवार और उनके परिवार के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

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Sushma Tomar