2019 के चुनावों के बाद भाजपा सरकार द्वारा लाया गया “सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल” आने के बाद से ही विवादित बन गया था इसको लेकर देश भर में प्रोटेस्ट किये जा रहे थे, ऐसा ही प्रोटेस्ट उत्तर प्रदेश के बिजनोर में भी प्रोटेस्ट हुआ था और उस प्रोटेस्ट में हुई हिंसा के मामले में कई लोग नामजद हुए थे।
इन नामों में एक नाम “आदिल” भी था,जिसकी तलाश 2 सालों से हो रही थी और उस पर 25000 का इनाम भी पुलिस ने रखा था,अब 10 जुलाई को पुलिस को इस युवक को गिरफ्तार किया और अगले ही दिन कोर्ट से उन्हें ज़मानत भी दे दी गयी।
इस पूरे मामले मामले को देख रहे एडवोकेट ने जो बयान दिया है वो भी चौंकाने वाला है,उनका कहना है कि “पुलिस को लीगल तथ्यों की जानकारी नहीं थी इसलिए उन्होंने ऐसा किया”
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