मैं ज्यादा तो  फतवें का मतलब समझता नहीं. शायद फ़तवा मुस्लिम धर्म में, कुछ ही आधिकारिक मौलवी ही जारी कर सकते  है, पर आजकल देश में कोई भी मौलाना उठखड़ा होता है और कुछ भी धर्म से जोड़कर फ़तवा दे देता है. देश में धार्मिक असहिष्णुता चरम पर है. चाहे उस तरफ के हो या उस तरफ के कोई तथाकथित धमकी भरे ‘फतवे’ जारी करता है, तो कोई फोर्स्ड गौसेवा. हालांकि तकनिकी रूप से वो केवल धमकी ही है, फतवे से दूर दूर तक सम्बन्ध नहीं है.  ऐसा ही मामला सामने आया है राफिया नाज का. जिनको योग करने मात्र भर से ही ये धमकियों वाला फतवा(जो फतवा है नहीं वैसे) जारी कर दिया. मौत की धमकी दी जा रही है. ये लोकतंत्र है, मजाक मत बनाइए.
पूरा मामला ये है कि रांची में रहने वाली योग टीचर राफिया नाज को योग सिखाने के कारण  जान से मारने की धमकी मिली है.  न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक राफिया नाज रांची में योग सिखाती हैं और उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया है. रफिया ने योग में अच्छे प्रदर्शन से कई मैडल भी है.


राफिया ने एअनाई को बताया  कि उन्हें कई धमकियां मिली हैं लेकिन वे इन धमकियों से डरने वाली नहीं और ताउम्र योग करती रहेंगी. उन्होंने सुरक्षा प्रदान करने के लिए झारखण्ड सरकार को भी थैंक्स कहा.


राफिया तब चर्चा में आईं जब रामदेव के एक कार्यक्रम में मंच साझा किया. और उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी. खबरों के मुताबिक राफिया को योगाभ्यास कंटिन्यू करने पर  बुरा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी मिली है.
झारखंड पुलिस ने राफिया की सुरक्षा में एक पुरुष और एक महिला बॉडीगार्ड तैनात कर दिए है. राफिया रांची में एम.कॉम. की पढ़ाई करती हैं.  उसे मिल रही धमकियों से उसके माता-पिता चकित है.
राफिया को मुसलमानों के साथ ही हिन्दुओं से भी शिकायत है.  राफिया ने कहा, “मुझे दोनों समुदायों से शिकायत है। एक तरफ मुझसे योग न सिखाने के लिए कहा जा रहा है तो दूसरी तरफ लोग मुझे नाम बदलने की सलाह दे रहे हैं ताकि मुझसे योग सीखने में किसी को झिझक न हो.” 
लोगों में सनक इस हद तक भरी है कि एक तरफ राफिया इंडिया टुडे को लाइव इंटरव्यू दे रही है और दुसरी तरफ कुछ तथाकथित धर्मरक्षक उनके घर के आगे उनको मारने पर तुले है. अरे वो ही धर्म आपको महिलाओं की रक्षा भी सिखाता है. वो भी अमल में लाइए.


अंत में गौर करने वाली बात ये है कि योग को धर्म से नहीं जोड़े तो बहेतर है. इसके तो वैज्ञानिक तथ्य है कि योग से स्वस्थ रहते है. और अब तो योग को विश्व भी मान रहा है तो इसको धर्म से न जोड़कर अपने स्वास्थ्य से जोड़िये वरना ये धर्मान्धता तो चल ही रही है, आपका भी इस सनकियों की भीड़ में स्वागत है.

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Ashok Pilania

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