मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से 40 दिन 40 सवाल की कड़ी में अठारहवां सवाल पूछा है. यह सवाल पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर केंद्रित है.

कमलनाथ ने पेट्रोलियम पदार्थों की बढती कीमतों पर सवाल किये हैं. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने हमें कमलनाथ के इन सवालों के बारे में बताया है.

  1. मोदी सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाकर देश की जनता से 2014 से 2018 तक 11 लाख़ करोड़ रूपये की लूट की है. मोदी सरकार टैक्स और डिविडेंड से हर साल देश के नागरिकों से 3 लाख़ 43 हज़ार 858 करोड़ रूपये वसूल रही है.
  2. कांग्रेस सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर रियायत (सब्सिडी) देती थी. (2013-14 )-1 लाख़ 43 हज़ार 738 करोड़ रूपये. मोदी जी पर रियायत का भार सिर्फ़ 28 हज़ार 237 करोड़ रूपये.
  3. जैसे -जैसे मोदी जी टैक्स बढ़ाते हैं,मामा जी भी लूटते जाते हैं. पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर मध्यप्रदेश में वैट से वसूली: (2012 -13) -5417 करोड़ रूपये (2013-14) -6232 करोड़ रूपये (2014-15)- 6832 करोड़ रूपये (2015-16)-7631 करोड़ रूपये (2016-17)-9160 करोड़ रूपये (2017-18)-9380 करोड़ रूपये.
  4. जब कांग्रेस के समय,16 मई 2014 को क्रूड आयल 105 डॉलर प्रति बैरल था, तब पेट्रोल 71 रूपये और डीज़ल 56 रूपये था. मोदी सरकार (2017-18) में क्रूड आयल एवरेज 43 डाॅलर प्रति बैरल है और पेट्रोल 87 रूपये और डीज़ल 76 रूपये पहुँच गया.
  5. घासलेट कांग्रेस (1-4-2104) के समय 14 रूपये था. मोदी जी के राज में (1/9/2018) को 61 रूपये हो गया. डोमेस्टिक एलपीजी 414 रूपये थी, मोदी जी ने 820 रूपये कर दी.
  6. एक अप्रैल 2017 से मोदी जी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को सस्ती शक्कर भी बंद करके गरीबों के जीवन में कड़वाहट घोल दी. कांग्रेस रियायती दर पर शक्कर के लिए 4 हज़ार 500 करोड़ रुपए ख़र्च करती थी.