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इस खिलाड़ी की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ नहीं हारा कोई टेस्ट सीरीज़

इस खिलाड़ी की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ नहीं हारा कोई टेस्ट सीरीज़

वेस्टइंडीज के सर विव रिचर्ड्स सीमित ओवर फॉर्मेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में शुमार रहे हैं. अच्छे से अच्छे तेज गेंदबाज भी उनके आगे थर-थर कांपते थे. वे किसी भी बॉलिंग अटैक की धज्जियां उड़ाने में सक्षम थे. उस दौर के डेनिस लिली, इमरान खान जैसे दिग्गज तेज गेंदबाजों की बॉल को वे बड़े आराम से बाउंड्री पार पहुंचा देते थे.यही कारण था कि टेस्ट और वनडे दोनों में उनका बैटिंग एवरेज 47 से ज्यादा का रहा.
इस महान बल्लेबाज का जन्म 7 मार्च, 1952 को सेंट जॉन, एंटीगुआ में हुआ था. इनका पूरा नाम आइज़ॅक विवियन रिचर्ड्स अलेक्जेंडर है.रिचर्ड्स ने  छोटी सी उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था.उनके भाइयों मर्विन और डोनाल्ड, दोनों ने ही एंटीगुआ का प्रतिनिधित्व किया है, और उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहित किया था.युवा विव ने शुरुआत में अपने पिता और पैट इवानसन, एक पड़ोसी और पारिवारिक दोस्त, जिन्होंने एंटीगुआ की कप्तानी की थी, के साथ अभ्यास किया था.
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रिचर्ड्स ने 18 की उम्र में स्कूल छोड़ा, और डी’आरसी’स बार और रेस्टोरेंट में सेंट जॉन्स में नौकरी कर ली. वे सेंट जॉन्स क्रिकेट क्लब से जुड़े और उस रेस्टोरेंट के मालिक जहां वे काम करते थे, डी’आरसी विलियम्स, ने उन्हें सफ़ेद पोशाक, दस्ताने, पैड्स, और बल्ला दिलाया. सेंट जॉन्स क्रिकेट क्लब के साथ कुछ सीज़नों के बाद, वे राइजिंग सन क्रिकेट क्लब से जुड़े, जिसका हिस्सा वे विदेश में खेलने जाने तक बने रहे.

क्रिकेट कैरियर

1970 और 80 के दशक में आक्रामक बल्लेबाज़ी सामान्य बात नही थी.सिर्फ़ एक टोपी पहने (रिचर्ड्स ने कभी हेल्मेट पहनना ज़रूरी नही समझा), रिचर्ड्स धीमी चाल से क्रीज़ तक पहुँचते थे और दर्शकों की आवाज़ उत्साह के चरम पर होती थी जिनकी अपेक्षा सिर्फ़ अत्यंत मनोरंजन की होती थी. और फिर रिचर्ड्स ऐसा मनोरंजन करते थे की विश्व भर के प्रतिभाशाली गेंदबाज़ केवल बॉलिंग मशीन लगते और फ़ील्डरों का काम बाल बॉय की तरह सीमा पार से गेंद वापिस खेल में लाना होता था.
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1974 में भारत में विव रिचर्ड्स ने टेस्ट मैचों में पदार्पण किया, और अपने दूसरे ही मैच में 192 रन नाबाद की पारी खेली. रिचर्ड्स ने 121 टेस्ट मैच खेले, इन मैचों में उन्होंने 50.23 की औसत से 24 शतकों की सहायता से 8540 रन बनाये. रिचर्ड्स ने टेस्ट क्रिकेट में कुल 84 छक्के लगाये. टेस्ट क्रिकेट में उनका उच्चतम स्कोर 291 है, व्यक्तिगत स्कोर के लिहाज़ से ये कैरिबियाई बल्लेबाज़ों द्वारा बनाया गया ये छठा उच्चतम स्कोर है. रिचर्डस ने जिन पचास टेस्ट मैचों में कैरिबियाई टीम का नेतृत्व किया, उनमें 27 मैचों में वेस्टइंडीज़ विजयी रहा, जबकि मात्र आठ टेस्ट मैचों में ही उसे हार का सामना करना पड़ा. वो एकमात्र वेस्टइंडीज़ कप्तान हैं, जिनके नेतृत्व में कैरिबियाई टीम ने कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं गंवाई.
एकदिवसीय क्रिकेट में जब रिचर्ड्स ने सन्यास लिया तब उनका स्ट्राइक रेट 90 से ज़्यादा था, जो उस समय रख पाना बहुत मुश्किल होता था. वे वेस्ट इंडीज़ की 1975 और 1979 की विश्व विजेता टीम का हिस्सा थे, और 1979 के फाइनल में 189 रन की जादुई पारी खेल उन्होने वेस्ट इंडीज़ को विश्व विजेता बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी.
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अपने 187 एकदिवसीय मैचों में रिचर्ड्स ने 11 शतकों के साथ 6,721 रन बनाये. एकदिवसीय मैचों में उनका उच्चतम स्कोर 189 रन है.
यही नही उन्होंने टेस्ट मैचों में 32 और एकदिवसीय मैचों में 118 विकेट भी लिए.
इतने शानदार रिकार्ड के बावजूद उनकी कप्तानी विवादों से अछूती नहीं रही. वो कभी कभी एम्पायरों को गलत तरीके से दबाव भी डाल देते थे, 1990 में बारबडोस टेस्ट के दौरान उनकी इसी आदत के चलते एम्पायर ने इंग्लिश बल्लेबाज़ रोब बेली को आउट न होने के बावजूद आउट दिया, विज़डन ने इस घटना को अभद्र और कुरुप बताते हुए रिचर्ड्स की काफ़ी आलोचना की.
हालांकि 1983-84 में उनके प्रतिद्वंदी वेस्ट इंडीज़ के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने के लिए प्रस्तावित ब्लेंक चेक को ठुकराने की उनकी विश्व भर में सराहना हुई थी (इस समय दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का दौर था). रिचर्ड्स ने इंग्लैंड में समरसेट टीम के लिए काउंटी क्रिकेट भी खेला. वे उन 4 गैर-ब्रिटिश खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100 शतक बनाए. 2000 में विव रिचर्ड्स को विज़डन द्वारा सदी के 5 क्रिकेटरों में गिना गया.
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इंटरनेशनल रिकार्ड्स

  • 1986 में रिचर्ड्स टेस्ट क्रिकेट में 150 की स्ट्राइक रेट से शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने.
  • रिचर्ड्स ने 1986 में सबसे तेज शतक (56 गेंदों में) बनाया.वो 2014 तक यह रिकॉर्ड बनाने वाले एकलौते खिलाड़ी थे, 2014 में मिस्बाह-उल-हक़ ने उनके इस रिकॉर्ड की बराबरी की.फिर 2016 में ब्रेंडन मैकुलम ने 54 गेंदों में शतक बना कर उनके रिकॉर्ड को तोड़ दिया.
  • रिचर्ड्स ने एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज (21 पारियों में) 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया. केविन पीटरसन, बाबर आज़म, जोनाथन ट्रॉट और क्विंटन डी कॉक ने 21 पारियों में 1000 बना कर रिचर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी की.
  • रिचर्ड्स ने माइकल होल्डिंग के साथ मिल कर 10वें विकेट के लिये सबसे ज्यादा रनों (नाबाद 106 रन) की साझेदारी करने का रिकॉर्ड बनाया.
  • रिचर्ड्स के नाम चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा (नाबाद 189) रन बनाने का कीर्तिमान बनाया.
  • रिचर्ड्स एक ही एकदिवसीय मैच में 5 विकेट लेने और अर्ध-शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने. वो एक ही एकदिवसीय मैच में शतक बनाने वाले और 5 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी भी बने.
  • रिचर्ड्स एकदिवसीय क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले और 50 विकेट लेने वाले भी पहले खिलाड़ी बने.

सम्मान

1994 में क्रिकेट में योगदान के लिये रिचर्ड्स को ब्रिटिश एम्पायर का अधिकारी का नियुक्त किया गया.1999 में, उन्हें अपने मूल देश एंटीगुआ और बारबुडा द्वारा नाइट ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ द नाइटन हीरो (केएनएच) बनाया गया.उनके सम्मान में नॉर्थ साउंड, एंटीगुआ में सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम बनाया गया. उस स्टेडियम को 2007 विश्व कप के लिये बनाया गया था.

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Durgesh Dehriya

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