कोरोना वायरस वाला मामला अब सीरियस रूप अख्तियार करता जा रहा है। हालाँकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपातकाल की घोषणा नही की है। लेकिन चीन में इसे राष्ट्रीय आपातकाल के रूप में ही देखा जा रहा है। चीन में कोरोना वायरस से अब तक मरने वालों की संख्या 131 हो गई है। बड़ी बात यह है कि तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों में कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों के समक्ष इससे निपटने में बड़ी चुनौती पेश आ रही है।

बताया जा रहा है, कि यह वायरस मर्स और सार्स वायरस की तरह जानवरों से ही आया है। जो वायरस अब तक चीन तक ही सीमित था, वो अब 5-6 देशों तक भी पहुंच चुका है। नेपाल पहला दक्षिण एशियाई देश है जहाँ कोरोना वायरस के संक्रमणी की पुष्टि हुई है। कोरोना वायरस का केंद्र चीन का शहर वुहान है। वुहान हुबेई प्रांत की राजधानी है वहाँ हालात इतने खराब है कि वुहान और उसके आसपास के इलाकों में करीब 50 मिलियन लोगों को लॉक डाउन करके रखा गया है। अगले आदेश तक बिना किसी आवश्यक कार्य के और अनुमति के वे शहर से बाहर नहीं जा सकते।

ऐसी परिस्थितियों में जापान ने अपने 200 नागरिकों को शहर से एयरलिफ्ट किया है और अमेरिका ने लगभग 240 अमेरिकियों को हवाई मार्ग से बाहर निकाल लिया है। वहीं, भारत सरकार ने भी अपने लोगों को वहां से निकालने की बात कह रही है वुहान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र हैं, जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। चीन में प्रशासन ने सभी मेडिकल कॉलेज में थर्मल इंट्री गेट लगवा दिए। इस गेट से वही छात्र कालेज के अंदर प्रवेश कर सकता है जिसके शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस (98.6 फरेनहाइट) से कम हो। इससे अधिक शरीर का तापमान होने पर अलार्म बज रहा है, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी व स्वास्थ्यकर्मी उसे अस्पताल में भर्ती करा दे रहे हैं।

कोरोनावायरस के प्रसार का प्रभाव दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। पिछले एक सप्ताह में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। 2003 में जब SARS संक्रमण के फैला था तो आज के मूल्य के हिसाब से इकोनॉमी को 57 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। महामारी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि यह बीमारी अभी फैल रही है।

भारत में अब तक कोरोना वायरस के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सैकड़ो संदिग्ध मरीज हस्पताल में भरती किये गए है लेकिन इनके ब्लड सैंपल में इस वायरस की पुष्टि नही हुई है लेकिन एहितयात बरतने की सख्त जरूरत है क्योंकि भारत में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाएं लचर अवस्था मे है यदि भारत मे यह वायरस फैलता है तो नतीजा बहुत भयानक हो सकता है।