मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।यहां 12 साल की एक मासूम बच्ची ने अपने पालतू चूहे की मौत से सदमे में आकर आत्महत्या कर ली।
मौत को गले लगाने से पहले छात्रा ने घर के गार्डन में चूहे के शव को दफनाया। पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। इसके बाद दोपहर में अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। पुलिस के अनुसार, लड़की अपने पालतू चूहे की मौत से सदमें में थी। जिस कारण उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
घटना शहर के अयोध्या नगर की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अयोध्या नगर के पुलिस स्टेशन प्रभारी ने बताया कि मृतक दिव्यांशी राठौर के पिता का नाम महेंद्र सिंह राठौर है और वह परिवार के साथ सुरभी परिसर में रहती थी। दिव्यांशी कक्षा 7 में पढ़ती थी और उसके दो अन्य भाई-बहन भी हैं। उसके पिता ने बताया कि दिव्यांशी पालतू जानवरों को बहुत प्यार करती थी। दो दिन पहले वह दिव्यांशी के लिए एक सफेद चूहा खरीदकर ले आए थे।
दिव्यांशी जल्द ही चूहे के साथ बहुत घुल-मिल गई। इस बीच शुक्रवार को चूहे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इससे दिव्यांशी का दिल टूट गया और वह स्कूल नहीं गई। उसने अपने पिता को चूहे के शव को फेंकने नहीं दिया। उसने चूहे के लिए अपने घर में ही एक कब्र बनाई और उसे फूलों से सजाया। दोपहर में दिव्यांशी की मां अपने दोस्तों से बात कर रही थी और उसके पिता भी घर पर ही थे। इसी दौरान दिव्यांशी ने एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। उसने फांसी लगा लिया। पुलिस ने बताया कि कमरे से कोई सूइसाइड नोट नहीं मिला है।
दिव्यांशी के पिता महेंद्र ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही वह मानिसक तनाव में थी। उसे उन्होंने बहलाने की काफी कोशिश की थी।उसका दुख कम करने के लिए ही वे चूहा लेकर आए थे। चार दिन में ही वह उससे काफी घुलमिल गई थी। वह पूरा समय उसका ख्याल रखती थी।स्कूल से लौटने के बाद सबसे पहले अपने पालतू चूहे के बारे में मां से जानकारी लेती थी। घटना से मां वसुंधरा को गहरा आघात लगा है।

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Durgesh Dehriya

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