October 20, 2021

बिहार में देशी शराब की अवैध तस्करी पर प्रशासन द्वारा पहले भी कार्यवाही की गई थी. फिर भी खरीद-फरोख्त के धंधे में लिप्त कुछ असामाजिक तत्व अपनी करतूतों से बाज नही आ रहे है. सारण में होने वाले पंचायती चुनाव से पहले नशीली चीजों का सेवन करने वालों के लिए एम्बुलेंस तस्करी करने का एक जरिया बन गई है. आगे बढते हुए जानते है कि आखिर पूरा मामला है क्या-

एम्बुलेंस विवाद फिर चर्चा में-

हालांकि ये विवाद पहले चर्चा का कारण तब बना था, जब जाप प्रमुख पप्पू यादव ने सारण सांसद पर आरोप लगाया था कि 2019 में कोरोना के समय  ली गई 40 एम्बुलेंस सिर्फ समुदाय केंद्र की शोभा बढाने और बालू ढोने के लिए रखी गई हैं. इनका इस्तेमाल मरीजो को अस्पताल पहुंचाने के लिए नहीं किया जा रहा था है. जिसके बाद बहुत बवाल हुआ था.

 2019 में  कोरोना के चलते गांव के लोगो को ज्यादा तक्लीफ का सामना ना करना पडे. इसलिए राजीव प्रताव रूडी के सांसद  कोष से 40 एम्बुलेंस गाँवों के मुखिया को आवंटित की गई थी .जिससे गाँव में किसी भी व्यकित को अचानक बिमारी होने पर तुरंत शहर लाया जा सके.लेकिन मामला इसके उलट निकला शराब माफिया एम्बुलेंस  में मराजों की जगह अवैध शराब की तस्करी करते थे.                                                                   

एक बार फिर से सारण सुर्खियों में

देशी शराब तस्करी की जानकारी पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर मिली थी. जिसके बाद पुलिस ने टीम के साथ मिलकर सभी जगह नाकेबंदी करके वाहनों की तलाशी शुरू कर दी थी. भगवान बाजार थाना के अधिकारी उपेन्द्र राय को सूचना मिली की ब्रह्मपुर के समीप से शराब से लदी एक एम्बुलेंस आ रही है. सूचना मिलते ही सभी पुलिस अधिकारी सचेत हो गये.

मौके पर पुलिस को एम्बुलेंस तलाशी में 6 बोरे देशी शराब मिली जो चादर से  ढकी हुई थी. इस दौरान अपराधियों द्वारा पुलिस के साथ हाथापायी भी हुई थी. दो धंधेबाज फरार है. एक की पुष्टि हो गई है, छपरा नगर थाना क्षेत्र के तेलपा मोहल्ला निवासी मुंशी राय के रूप मे हुई. दूसरा आरोपी फरार है. अभी तक  उसकी कोई कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार झा ने बताया की हमने एम्बुलेंस चालक डोरीगंज थाना क्षेत्र के चकिया गांव के निवासी राकेश राय को गिरफ्तार करने के साथ मुखिया जयप्रकाश सिंह और दो अन्य फरार व्यक्ति पर भी उत्पाद अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है.   

गांव के मुखिया पर आरोप –

श्यामचक इलाके से पुलिस द्वारा ज़ब्त की गई एम्बुलेंस के ड्राइवर से पूछताछ मे पता चला कि 280 लीटर शराब को सिवान लेकर जा रहे थे. पुलिस को ये भी बताया अगर पुलिस अपनी गाड़ी को साइड नही करते तो गाडी क्षतिग्रस्त कर चालक गाड़ी को लेकर फरार हो जाता.

डोरीगंज थाना क्षेत्र के कोटवा पट्टी पंचायत के मुखिया जयप्रकाश सिहं की कड़ी निंदा हो रही है। आरोपी ने बयान मे कहा कि मुखिया की यह सब देखरेख में हो रहा था. गर्भवती महिला के नाम पर एंबुलेंस को सिवान ले जा रहे थे. मामले दर्ज होते ही पुलिस छानबीन में जुट गई है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब तस्करी के आरोप मे मुखिया के तार कहां तक जुड़े है और सप्लाई कहां-कहां होती थी.

सांसद ने कार्रवाई सख्त कार्रवाई के लिए लिखा पत्र

बिहार के भाजपा के प्रवक्ता ,सांसद और पूर्व केंद्रिय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने पुलिस के द्वारा की गई तुरंत कार्यवाही की सराहना करते हुए डीएम को लिखे एक पत्र में प्रशासन को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है. उन्होंने इस पत्र में कहा जनसेवा के लिए दिए गए वाहन का गलत ढंग से इस्तेमाल किया जाने वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए.

राजनीति मे भी मामला गरम –

इस मुददे को लेकर राजनीति में भी गलियारो में भी बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है. प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने बयान मे कहा कि शराब बंदी कहां है जब हमें एम्बुलेंस में मरीजों को ले जाने की जरूरत थी. तो उसमें बालू ले जाई जा रही थी. अब तो फंड की एम्बुलेंस ये सब हो रहा है.

About Author

Nidhi Arya