इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे में भारत पर कर सकते है भरोसा – जॉर्डन

इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे में भारत पर कर सकते है भरोसा – जॉर्डन

जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी हाल ही में दिल्ली में थे. वो अपने देश के राजा की भारत में प्रस्तावित यात्रा से पहले दोनों देशों के मध्य आयोजित द्वी-पक्षीय वार्ता में सम्मिलित हो रहे थे. उन्होंने भारतीय पत्रकार सुहासिनी हैदर को एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया. हम उस इंटरव्यू का हिंदी अनुवाद पब्लिश कर रहे […]

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 अमरीका और इज़राईल के विरुद्ध भारत की वोटिंग के मायने

अमरीका और इज़राईल के विरुद्ध भारत की वोटिंग के मायने

संयुक्त राष्ट्र संघ में यमन और टर्की द्वारा अमेरिका का जेरूसलम को इजराइल का राजधानी घोषित करने के विरोध में लाये गए प्रस्ताव के पक्ष में भारत ने वोट दे दिया है. इसका सीधा सा मतलब यह हुआ की भारत ने अमेरिका और इजराइल का सीधे तौर पर विद्रोह किया है. इसके सियासी मायने समझने […]

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 भारत- पाकिस्तान के रिश्तों पर जमी बर्फ को तोड़ने का समय आ गया

भारत- पाकिस्तान के रिश्तों पर जमी बर्फ को तोड़ने का समय आ गया

( यह लेख मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था, जिसे विख्यात पत्रकार “सुहासिनी हैदर” ने “द हिंदू” अखबार के लिए लिखा था, पेश है Time for an icebreaker: on India-Pakistan relations का हिंदी अनुवाद ) 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच दूरियों का बढ़ते जाना लाज़मी था, लेकिन पूरी […]

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 16 वर्षीय "अहद तमीमी" की गिरफ़्तारी पर हो रही इज़राईल की आलोचना

16 वर्षीय "अहद तमीमी" की गिरफ़्तारी पर हो रही इज़राईल की आलोचना

जब पूरी दुनिया में मलाला एक बाल शक्ति के रूप में उभर रही थी, जब देश विदेश में उनके साहस का लोहा माना जा रहा था और जब उन्हें शांति के नोबल से पुरस्कृत किया गया तब यह दुनिया, हम और आप यह भी समझ रहे थे की इसी दुनिया में एक कोना ऐसा भी […]

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 नज़रिया – मज़ाक उड़ाने का विषय नहीं रहे "राहुल गांधी"

नज़रिया – मज़ाक उड़ाने का विषय नहीं रहे "राहुल गांधी"

यह लेख मूलतः विख्यात अमरीकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट में अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित हुआ था. जिसे प्रसिद्ध अंग्रेज़ी पत्रकार बरखा दत्त ने लिखा था, हमारी कोशिश होती है कि अंग्रेज़ी भाषा में लिखे गए अच्छे लेख हिंदी भाषा के दर्शकों तक पहुंचाये जाएँ. राजनीती में सबकुछ होता है, सबकुछ चलता है, सबकुछ वास्तविकता भी है […]

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 सत्ता के मुहाने पहुंचकर, गुजरात क्यों हारी कांग्रेस?

सत्ता के मुहाने पहुंचकर, गुजरात क्यों हारी कांग्रेस?

कई सवालों और कई जवाबों के साथ गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की जीत हमारे सामने है. इस बात से कोई इंकार नहीं है की भाजपा के लिए तमाम विपरीत समीकरणों के होते हुए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने दोनों प्रदेशों में पार्टी को बहुत फायदा पहुँचाया है. जनतंत्र में […]

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