क्या बेक़ाबू हो चुकी है Covid19 की दूसरी लहर ?

क्या बेक़ाबू हो चुकी है Covid19 की दूसरी लहर ?

इसे चेतावनी ही मान लें, कोरोना का आतंक और असर पिछले साल से कई गुना अधिक है । दिल्ली एनसीआर में अस्पताल में बिस्तर नहीं हैं, ऑक्सीजन नहीं है , वेंटिलेटर का अकाल है । भोपाल, पुणे जैसे शहर मौत घर बने हैं — सिवनी, छिंदवाडा हो या लखनऊ गुवाहाटी मौत नाच रही है । […]

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 और बिहार में ऐसे पास किया गया विशेष पुलिस से सम्बंधित बिल

और बिहार में ऐसे पास किया गया विशेष पुलिस से सम्बंधित बिल

बिहार के संसदीय इतिहास में मंगलवार का दिन अमंगल के रूप में आया। पक्ष-विपक्ष की जिद ने ऐसी स्थिति पैदा की कि बिहार एकबार फिर शर्मसार हुआ। सुबह से शाम तक पुलिस बिल के खिलाफ सड़क से सदन तक संग्राम पसरा रहा। विपक्ष बिल को सदन में पेश होने से रोकने पर आमादा था। उसका […]

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 नज़रिया – क्या महाराष्ट्र में किसी बड़ी पटकथा को अंजाम दिया जा रहा है ?

नज़रिया – क्या महाराष्ट्र में किसी बड़ी पटकथा को अंजाम दिया जा रहा है ?

मुंबई भारत का कुबेर है– अपना खजाना भरने के लिए हर दल यहा अपना रसूख रखना चाहता है — सबसे ज्यादा चन्दा और धन वाले दल की मुंबई हाथ से जाने की छटपटाहट किसी से छुपी नहीं है। अम्बानी के घर से बहुत दूर एक कार में थोड़ी सी जिलेटिन छड मिलने की सारी घटना […]

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 पंजाब के 400 से ज़्यादा किसान और युवा आंदोलनकारी लापता

पंजाब के 400 से ज़्यादा किसान और युवा आंदोलनकारी लापता

किसान परेड के दौरान 26 जनवरी को लाल किला और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हिंसा के दौरान किसानों के लापता होने का मामला पंजाब में सियासी तौर पर गरमाने लगा है। सूबे के किसान संगठनों और धार्मिक संगठनों ने 400 से अधिक किसानों व नौजवानों के लापता होने का आरोप लगाया है और इस […]

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 पूरी व्यवस्था के साथ दिल्ली की सीमाओं में कल से ही डंट गए थे किसान

पूरी व्यवस्था के साथ दिल्ली की सीमाओं में कल से ही डंट गए थे किसान

लगता है ये सारी रात सोये ही नहीं – गाज़ीपुर सीमा पर इस समय जहां तक निगाह जाती है तिरंगे दिख रहे हैं । भीड़ अनुमान से परे – असल में दस बजने तक संख्या कितनी बढ़ेगी? अनुमान नहीं- यहाँ अधिकांश किसानों के घर तीस से चालीस किलोमीटर दे दायरे में हैं — ये अपने […]

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 क्या मध्यप्रदेश के मालवा अंचल को फ़िर से सांप्रदायिकता की पाठशाला बनाया जा रहा है ?

क्या मध्यप्रदेश के मालवा अंचल को फ़िर से सांप्रदायिकता की पाठशाला बनाया जा रहा है ?

यह बहुत दुखद है कि मध्य प्रदेश के मालवा इलाके को एक बार फिर साम्प्रदायिकता की पाठशाला के रूप में विकसित करने के प्रयास हो रहे हैं, जान लें मालेगांव धमाका, प्रज्ञा ठाकुर वाले सारे प्रकरण को देखें तो दिग्विजय सिंह की वह बात सच साबित होती है कि मालवा में हिंदूवादी लोग बम बनाने […]

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 धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

धर्मनिपेक्षता पर पंडित नेहरू के क्या विचार थे ?

‘‘हम भारत में धर्मनिरपेक्ष राज की बात करते हैं। लेकिन संभवतः हिंदी में ‘सेक्यूलर’ के लिए कोई अच्छा शब्द तलाशना भी मुश्किल है। कुछ लोग समझते हैं कि धर्मरिपेक्ष का मतलब कोई धर्मविरुद्ध बात है। यह बिल्कुल भी सही नहीं है। इसका मतलब तो यह है कि एक ऐसा राज जो हर तरह की आस्था […]

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 खालिद सैफी को बेल देते समय जज ने जो कहा वो आपको पढ़ना चाहिये

खालिद सैफी को बेल देते समय जज ने जो कहा वो आपको पढ़ना चाहिये

दिल्ली दंगों में पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों को किस तरह फंसाया गया, इसकी बानगी के तौर पर कई मुकदमों में महज जमानत के लिए सुनवाई पर ही खुलासे हो चुके हैं। ताजा मसला खालिद सैफ़ी की केस 101/20 में जमानत का है। यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य ख़ालिद सैफी को दिल्ली की एक अदालत कोर्ट […]

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 गांधी हत्या केस में गोरखपुर मठ के इस महंत का क्या रोल था ?

गांधी हत्या केस में गोरखपुर मठ के इस महंत का क्या रोल था ?

वर्ष 1934 में जब दिग्विजयनाथ, नाथ संप्रदाय के महंत बने, तो मंदिर कट्टर हिंदुत्व की राजनीति केन्द्र बन गया। 1894 में जन्‍मे दिग्विजयनाथ का पालन पोषण मठ में ही हुआ था, महंत बनने के तीन साल के बाद ही 1937 में वे हिंदू महासभा के प्रमुख चुन लिए गए थे। कहा जाता है कि महासभा […]

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 सांप्रदायिकता और उसके इलाज पर क्या कहते थे Shaheed Bhagat Singh

सांप्रदायिकता और उसके इलाज पर क्या कहते थे Shaheed Bhagat Singh

जून 1928, अर्थात आज से 92 साल पहले “किरती” में छपा शहीदे आज़म भगत सिंह (Shaheed e Azam Bhagat Singh) का यह लेख, एक एक शब्द ध्यान से पढ़े और देखें कि क्या समाज, राजनीती, मीडिया में कुछ बदला है या वही ब्रितानी राज (British Government) की मानसिकता यथावत चली आ रही है। एक बात […]

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