शादी करने जा रही और जस्ट मैरिड लड़कियां ये लेख ज़रूर पढ़ें

शादी करने जा रही और जस्ट मैरिड लड़कियां ये लेख ज़रूर पढ़ें

वैसे तो लिखना आजकल बन्द सा कर दिया है क्योंकि सिर भी खपाओ कीपैड भी घिसो फिर बातें भी सुनो इतना बड़ा कौन पढ़ता है, फिर भी लगातार कुछ महीनों से लड़कियों के डिप्रेशन और स्ट्रेस के इतने केस देखे कि कुछ बेसिक सजेशन देना बनता है. शादी करने जा रही/जस्ट मैरिड लड़कियों के लिये […]

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 हिंदी दिवस विशेष – भाषा नहीं सिखाती किसी से बैर रखना

हिंदी दिवस विशेष – भाषा नहीं सिखाती किसी से बैर रखना

ये भी गज़ब है कि हिन्दी दिवस पर दो गुट एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हैं। पहले हिन्दी माध्यम से पढ़े जो बोलते हैं कि हिन्दी दिवस पर सबसे ज़्यादा बधाईयां वे ठेलते हैं जिनको पता ही नहीं समबाहु विषमबाहु राक्षस हैं या ज्यामितीय संरचनाएं। कभी पढ़े होते हिन्दी माध्यम से तो समझते पीड़ा। […]

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 खाने के मामले में बच्चों को नखरैल न बनने दें

खाने के मामले में बच्चों को नखरैल न बनने दें

क्या आपके बच्चे के पसंदीदा मेन्यू में घर की सब्ज़ियों/डिशेज़ के बस चुनिंदा नाम हैं? क्या नखराले बच्चों के पोषण को लेकर चिंता रहती है? अलग अलग वैरायटी, रंग बिरंगे खाने, बढ़िया गार्निशिंग सब कोशिश कर ली, पर बच्चे चखने को तैयार हों तब न बात आगे बढ़े। समाधान कई हैं पर समस्या की जड़ […]

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 ब्रांडेड आईटम की लत में कहीं आप बेवकूफ़ तो नहीं बन रहे ?

ब्रांडेड आईटम की लत में कहीं आप बेवकूफ़ तो नहीं बन रहे ?

महंगे सस्ते की हमारी साइकोलॉजी को कम्पनियां और ब्रांड्स बख़ूबी समझते हैं, पता नहीं क्यों हमें लगता है कि जो चीज़ जितनी महँगी है उतनी बेहतर है। और जिसके पास ब्रांडेड चीज़ें नहीं हैं मतलब औक़ात से बाहर हैं उसकी। स्टेटस के रौब के लिये कुछ भी कर सकते हैं। कई सो कॉल्ड ब्रांड ऐसे […]

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 अगर आपके घुटनों में दर्द है, तो अपनाईये ये तरीके

अगर आपके घुटनों में दर्द है, तो अपनाईये ये तरीके

“घुटनों में बहुत दर्द है चलना फिरना दुश्वार है।” यह वाक्य पढ़ते ही पहले एक पचपन पार प्रौढ़ा की छवि बनती थी लोगों के मन में। पर पिछले कुछ सालों में घुटनों के दर्द में इतनी तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है, परामर्श के लिये आने वाली लगभग 35-40% महिलाएं 20-40 आयु वर्ग की हैं और […]

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 क्या बेटे के जन्म की इतनी कामना के पीछे जैव वैज्ञानिक कारण छिपे हैं?

क्या बेटे के जन्म की इतनी कामना के पीछे जैव वैज्ञानिक कारण छिपे हैं?

यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि हम लैंगिकतावादी समाज का हिस्सा हैं जहाँ बोये बेटे ही जाते हैं बेटियां तो बस उग आती हैं। चिंताजनक लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के कड़े कानून इसी वजह से हैं। इसका कारण पितृसत्तात्मक समाज को माना जाता है। आज के समय में देखा जाए तो लिंगभेद […]

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 वो जो रोहिंग्या पर हो रहे अत्याचार से खुश हैं

वो जो रोहिंग्या पर हो रहे अत्याचार से खुश हैं

मानवता एक तानाबाना है। कहीं भी उधड़े, फर्क सब पर पड़ेगा। किसी पर जल्दी, किसी पर देर सवेर। धागों के उलझे लोथड़े नहीं बनकर रह जाना है तो चेत जाओ… सब पर बात करो, रोहिंग्याओं पर नहीं क्योंकि उनके आगे मुसलमान जुड़ा है, जैसे ही आपने उनके बारे में कुछ कहा, वे बॉर्डर फांदते हुए […]

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 परिवार और डॉक्टर से न छुपाएं गर्भाशय एवं स्तन की तकलीफ़

परिवार और डॉक्टर से न छुपाएं गर्भाशय एवं स्तन की तकलीफ़

महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर हद दर्जा लापरवाह रहती हैं। ये बात सभी ने सुनी होगी। (कोई और उनकी परवाह कर ले तो कोई हर्ज नहीं वैसे)। बहरहाल दिक्कत की बात यह है कि प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही से ज़्यादा डर, भ्रांतियां और शर्म-संकोच बैठा होता है मन में। डर इतना कि यदि स्तन […]

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 क्या बिन तम्बाकू वाले पान मसाले 'सेफ' हैं

क्या बिन तम्बाकू वाले पान मसाले 'सेफ' हैं

बिन तम्बाकू वाला पान मसाला खा रहे हैं, कत्था, चूना, सुपारी जैसी नैचुरल चीज़ें हैं इसमें। दिक्कत क्या है?” नहीं, ये किसी नशेड़ी पाउच पिचकू के विचार नहीं बल्कि एक सभ्य, सम्भ्रान्त, उच्च शिक्षित महिला के विचार हैं। थोड़ा ढूंढने पर समान विचारधारा वाले कई ‘मासूम’ मिले, जो समझते हैं तम्बाकू ही सारे फसाद की […]

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 गूलर का पारिस्थितिक, औषधीय और धार्मिक महत्त्व

गूलर का पारिस्थितिक, औषधीय और धार्मिक महत्त्व

गूलर- ficus racemosa/ficus glomerata गूलर/उदुम्बर/जंतुफल पंच पल्लवों में से एक है। पंच पल्लव : पीपल, गूलर, अशोक, आम और वट के पत्ते सामूहिक रूप से पंच पल्लव के नाम से जाने जाते हैं। इनका आयुर्वेदीय चिकित्सा और धार्मिक कार्यों में बड़ा महत्त्व है। इकोसिस्टम(पारिस्थितिकी) में भी इसका बड़ा महत्त्व है। ficus कुल की 850प्रजातियां होती […]

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