बोलते रहिये, चुप रहना तो मुर्दो की निशानी है

बोलते रहिये, चुप रहना तो मुर्दो की निशानी है

मैं गौरी लंकेश को कल के पहले नहीं जानता था, पर अब जान गया. अधिकांश लोग सवाल करते है की ये गुस्सा किस बात का ? क्या बदल गया है ? बोलने की आज़ादी तो सबको है ! तब मेरे एक मित्र कहते है की बोलने की आज़ादी तो है, पर बोलने के बाद आज़ादी […]

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 नोटबंदी : कभी कभी लगता है कि हम असल में इतने मुर्ख है या होने का नाटक करते है

नोटबंदी : कभी कभी लगता है कि हम असल में इतने मुर्ख है या होने का नाटक करते है

अभी अभी नोट बंदी के आकडे आये साफ़ हो गया की प्रधानमन्त्री ने अपने भाषण में नोट बंदी के जितने फायदे गिनाये थे उनमे से एक भी सफल नहीं रहा. न तो जाली नोट पकडाए, न तो काला धन पकडाया और न ही आतंकवाद ख़त्म हुआ तो सवाल है हुआ क्या. हुआ ये की अमीर […]

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