इस दौर के नेताओं को Ghulam Nabi Azad से संसदीय बर्ताव सीखना चाहिए

इस दौर के नेताओं को Ghulam Nabi Azad से संसदीय बर्ताव सीखना चाहिए

समय हर एक सत्ताधीश को मौका देता है गुलाम नबी आज़ाद बनने का,कोई बन जाता है और कोई चूक जाता है । आज जब ग़ुलाम नबी आज़ाद के अपनेपन पर आँसू आँख मे आए होंगे, तो सामने भले ही गुलाम नबी होंगे मगर ज़हन में कहीं एहसान जाफरी भी होंगे,की काश उस वक़्त दिल बड़ा […]

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 नज़रिया – वरवर राव तो स्वस्थ्य हो जाएँगे, मगर हमारा मस्तिष्क….. ?

नज़रिया – वरवर राव तो स्वस्थ्य हो जाएँगे, मगर हमारा मस्तिष्क….. ?

सुकरात को जब ज़हर का प्याला दिया गया तो उसके इर्द गिर्द बहुत से क़ाबिल लोग बैठे थे । एक से एक कलाकार सुकरात को ज़हर का प्याला होंठ से लगाते देख रहे थे । तमाम राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ खामोशी से ज़हर को सुकरात में उतरते देख रहे थे । वह मानकर चल रहे थे […]

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 सर सैयद अहमद – वो जो भारतीय मुसलमानों को पढ़ा लिखा देखना चाहते थे

सर सैयद अहमद – वो जो भारतीय मुसलमानों को पढ़ा लिखा देखना चाहते थे

उसने किसी मुल्ला की तरह क़ौम के कसीदे नही पढ़े। किसी धर्मगुरु की तरह धर्म की रक्षा का उद्घोष नही किया। किसी पादरी की तरह जीसस का वास्ता नही दिया। किसी कथित सांस्कृतिक संगठन की तरह लाठियाँ भांजने की ट्रेनिग नही दी। किसी को झंडे और बम के साथ जन्नत भेजने का रास्ता नही दिखाया। […]

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 नज़रिया – इंसानी खून की कोई कीमत नहीं, क्या आप राक्षस बन चुके हैं ?

नज़रिया – इंसानी खून की कोई कीमत नहीं, क्या आप राक्षस बन चुके हैं ?

मुझे पता है यह जो मैं लिखने जा रहा हूँ, उससे आप कन्नी काटकर चुपचाप निकल जाएँगे । मेरे लफ़्ज़ आपके गिरेहबान तक तो जाएँगे चाहे मैं खुद को रोकना भले ही जितना चाहूँ । तेलंगाना में अभी कुछ रोज़ पहले एक लड़के को मार दिया गया क्योंकि उसने प्रेम किया था । उसकी पत्नी […]

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