व्यक्तित्व – कुछ बातें नेहरु के बहाने

व्यक्तित्व – कुछ बातें नेहरु के बहाने

आज 14 नवम्बर है और आज ही के दिन, इलाहाबाद में जवाहरलाल नेहरू का जन्म वर्ष 1889 ई में हुआ था। उनके जन्मदिन पर उन्हें स्मरण करते हुए Ashok Kumar Pandey जी का यह खूबसूरत लेख पढ़ें। जवाहर लाल नेहरु का ज़िक्र सोशल मीडिया, अखबारों और चंडूखानों में केवल 14 नवम्बर तक महदूद नहीं रहता। […]

Read More
 हमसे अभागी पीढ़ी कौन सी होगी ? जिसने बनते कुछ नहीं देखा, बिगड़ते सब देख रही है

हमसे अभागी पीढ़ी कौन सी होगी ? जिसने बनते कुछ नहीं देखा, बिगड़ते सब देख रही है

चौरासी हुआ तो बच्चा था। पापा को होरा अंकल के लिए बुरी तरह से परेशान देखा। गुरमीत को स्कूल छोड़कर अपने पिता के साथ ठेले पर स्टोव बनाते देखा। सामान लूट के ले आए लोगों में बेशर्म भी दिखे और कुछ बाद में शर्मिंदा हुए लोग भी। हत्या नहीं हुई थी मेरे शहर में कोई। […]

Read More
 कश्मीरी ब्राम्हण राज कौल से पंडित नेहरू तक ?

कश्मीरी ब्राम्हण राज कौल से पंडित नेहरू तक ?

मोतीलाल नेहरू का परिवार मूलतः कश्मीर घाटी से था। अठारहवीं सदी के आरम्भ में पंडित राज कौल ने अपनी मेधा से मुग़ल बादशाह फरुखसियार का ध्यान आकर्षित किया और वह उन्हें दिल्ली ले आये जहाँ कुछ गाँव जागीर के रूप में मिले, हालाँकि फरुखसियार की हत्या के बाद जागीर का अधिकार घटता गया, लेकिन राज […]

Read More
 आपकी नज़र में आतंकवाद की परिभाषा क्या है ?

आपकी नज़र में आतंकवाद की परिभाषा क्या है ?

कल दोस्तों से बात हो रही थी और किसी ने कहा कि आज तक यूएन ने आतंकवाद की कोई एक और सुनिश्चित परिभाषा नहीं दी है। लेकिन 9/11 के बाद तो जैसे दुनिया भर की मीडिया ने अपनी परिभाषा तय कर ली है – हिंसा का सहारा लेने वाले मुसलमान आतंकवादी हैं जबकि दूसरे धर्म […]

Read More
 Opinion – नफ़रवादियों को Surf Excel का विज्ञापन क्यों पसंद आएगा ?

Opinion – नफ़रवादियों को Surf Excel का विज्ञापन क्यों पसंद आएगा ?

सर्फ़ एक्सेल के हालिया विज्ञापन से संघियों को समस्या होना एकदम वाजिब है।ग़ौर से देखिये उस विज्ञापन का परोक्ष संदेश कि अगर बचपन से बच्चों का मिलना जुलना दोस्ती सम्भव हो तो नफ़रत की जड़ों में मट्ठा पड़ जाएगा। आप सबने सब टीवी पर आने वाला सीरियल “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” देखा होगा। राष्ट्र […]

Read More
 कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

कर्ज़माफ़ी भीख नहीं किसानों का हक़ है

मिडिल क्लास को बड़ा गुरूर है टैक्स देने का. चले तो आख़िरी चवन्नी बचाने लेने वाला यह क्लास किसानों की कर्ज़माफ़ी को लेकर बहुत उछल रहा है मानो उसकी तनख्वाह से पैसा काट के दिया गया है. उसे लगता है देश उसी के पैसे से चलता है तो दुनिया की सारी सुविधा उसी को मिलनी […]

Read More
 नज़रिया – राहुल के मंदिर जाने से क्या समस्या है आपको ?

नज़रिया – राहुल के मंदिर जाने से क्या समस्या है आपको ?

हम राहुल गांधी को शिक्षा देने के लिए बड़े बेक़रार रहते हैं. क्या करें उम्मीद तो थक हार के कांग्रेस से ही बचती है एक सेकुलर टाइप की सरकार दे पाने की तो उसी में कम्युनिस्ट पार्टी में ढूँढने लगते हैं. हम चाहते हैं राहुल मंदिर में न जाएँ. क्यों न जाएँ भाई? हमारे मुट्ठी […]

Read More