January 23, 2022
देश

पांचों राज्यों में इन नियमों के साथ होंगे विधानसभा चुनाव

पांचों राज्यों में इन नियमों के साथ होंगे विधानसभा चुनाव

शानिवार को चुनाव आयोग (election commission) ने देश के पाँच राज्यो में विधानसभा 2022 के चुनावों की तारीखों का ऐलान किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (sushil Chandra) ने चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ उम्मीदवारों और मतदाताओ के लिए कई अहम बातें बोलीं. उन्होनें सबसे पहले कोरोना के बीच चुनाव कराने को चुनौतिपूर्ण बताया.

यूपी (UP) में चुनाव 7 चरणों में होंगे, ये 7 चरण 10 फरवरी से 7 मार्च को पूरे होंगे. इसमें पहली वोटिंग 10 फरवरी, दूसरी 14 फरवरी, फ़िर 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और आखिरी वोटिंग 7 मार्च को होगी. पंजाब (punjab), गोवा (goa) और उत्तराखंड (uttrakhand)  में 14 फरवरी को मतदान किया जाएगा. वहीं मणिपुर में 27 फ़रवरी और 3 मार्च को वोटिंग होगी. पाँचो राज्यों के नतीजे एक ही दिन 10 मार्च को आएंगे.

 

चुनावों में कोरोना संबंधित चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशः

· सभी उम्मीदवार “सुविधा” ऐप के माध्यम से online आवेदन कर सकेगें.

· उम्मीदवारों की चुनावी खर्च की सीमा बाढाई जाइगी.

· 15 जनवरी तक सभी रैली और जनसभा पर रोक, वर्चुअल रैली और डोर टू डोर प्रचार करने की इजाज़त, लेकिन सिर्फ़ 5 लोगों को.

· 15 जनवरी के बाद कोरोना हालात का रिव्यू किया जाएगा और फ़ीर रैली और जनसभा पर फैसला दिया जाएगा. रैली की इजाज़त के बाद कोरोना प्रोटोकोल का सख्ती से पालान किया जाएगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा (image : google)



· उम्मीदवारों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालान सुनिश्चित करने के लिए शपथ-पत्र देना होगा.

· कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर महामारी एक्ट, NDMA  और  IPC के तहत कार्यवाही की जाएगी.

· सभी उम्मीदवारों को अपना आपराधिक रिकोर्ड देना होगा.

· सोशल मीडिया पर रैली करें, लेकिन हेट स्पीच और फेक न्यूज़ को लेकर सतर्क रहें. इन पर निगरानी करते रहें.

· पोलिंग बूथ पर मास्क और सेनेटाइज़र का प्रबंध किया जाएगा.

 

चुनावों को लेकर कही गई महत्वपूर्ण बातेः

•  सभी उम्मीदवारों को कोड आफ कंडक्ट का सख्ती से पालान करना होगा.

·  जीत के बाद भी जश्न की इजाज़त नहीं है.

·  यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के लिए चुनाव आयोग 40 लाख खर्च करेगा, वहीं गोवा और मणिपुर के लिए 28 लाख का खर्च किया जाएगा.

· 900 ऑब्जर्वर चुनाव पर नज़र रखेंगे.

· 80 प्लस सिनियर सिटिजंस के लिए डोर स्टेप वोटिंग की सुविधा होगी वहीं कोरोना संक्रमितो के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध होगी. दिव्यांगो के लिए बूथ पर अलग सुविधा होगी.

· गैर- कानूनी पैसे और शराब पर निगरानी की जाइगी.

· चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार 29% मतदाता पहली बार वोट करेंगें.

· पाँच राज्यों के कुल 18 करोड़ 34 लाख मतदाता वोटिंग करेंगे.

· इस बार 16% पोलिंग बूथ बाढ़ाए गए हैं.

· एक बूथ पर मैक्सिमम 1250 वोटर्स ही मतदान करेंगे.

· चुनाव आयोग ने कहा है कि, चुनाव में धाधंली को लेकर सी- विज़िल ऐप पर शिकायत कि जा सकती है, चुनाव आयोग तत्काल एक्शन लेगा.

 

किस राज्य में कितनी सीटें और क्या है बहुमत का आँकड़ाः

यूपी में विधानसभा की 403 सीटें है, और बहुमत का आँकड़ा 202 है. यूपी में सरकार बनाने के लिए पार्टी के पास 202 सीटें होना ज़रूरी हैं. गोवा में 40 सीट के साथ बहुमत का आँकड़ा 21 हो जाता है.

पंजाब में 117 विधानसभा सीटें है और जीत का आँकड़ा 59 है. वहीं देवभूमी उत्तराखंड की बात कि जाए तो यहाँ सीटें 70 हैं और बहुमत के लिए 36 सीटें जीतना अनिवार्य है. मणिपुर में 60 विधानसभा सीटों के साथ बहुमत का आँकड़ा 31 है.


2017 में इन राज्यों में कैसे बनी थी सरकारेः

यूपी में 2017 में 325 सीटें जीतकर भाजपा नें पूर्ण बहुमत की सरकार बानाई थी. भाजपा का वोट शेयर 41% रहा था. पंजाब में 177 में से 77 सीटें जीतकर कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिहं कि अगुवाई में 38.8 फ़ीसदी वोट शेयर के साथ पंजाब की सत्ता अपने नाम की थी. गोवा की 40 सीटों में से 17 सीटें कांग्रेस के हाथ लगी लेकिन 13 सीटें जीतकर अन्य पार्टियों के समर्थन से भाजपा ने गोवा में अपनी सरकार बनाई. उत्तराखंड में 57 सीटों के साथ भाजपा सत्ता में आई. वहीं मणिपुर में सबसे ज्यादा 28 सीटें कांग्रेस के हाथ लगी लेकिन 21 सीटें जीतकर भाजपा ने गठबंधन कर मणिपुर में सरकार बनाई थी.





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Sushma Tomar