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अमेरिका ने तालिबान से क्यों की गुपचुप मीटिंग?

अमेरिका ने तालिबान से क्यों की गुपचुप मीटिंग?

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्ज़े के बाद से ही तालिबान अमरीका अमेरिकी सेना सहित गैर-मुल्की फौजों को अफगानिस्तान छोड़ने की चेतावनी दे रहा है, पर अब अमेरिका की खुफिया एजेंसी ( CIA) के प्रमुख ने तालिबान से बातचीत की करने की करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि CIA प्रमुख ने तालिबान प्रमुख बरादर से उच्चस्तरीय मीटिंग की है। दावा किया जा रहा है कि बीते सोमवार (23 अगस्त) दोनों के बीच ये मीटिंग गुपचुप तरीके से हुई है। मंगलवार को इसकी जानकारी “दी वॉशिंगटन पोस्ट” ने अपने एक आर्टिकल में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से छापी।

इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से CIA प्रमुख विलियम जे बर्न्स और तालिबान की ओर से तालिबानी प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरादर शामिल हुए थे।

आज तक कि रिपोर्ट के अनुसार सीआईए प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफपी से इस मुलाकात की पुष्टि नहीं कि है। उन्होंने कहा कि सीआईए प्रमुख की यात्रा की चर्चा सार्वजनिक रूप से नहीं कि जा सकती।

दूसरी और तालिबानी प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि उन्हें तालिबान और सीआईए के बीच मुलाकात की जानकारी नहीं है। लेकिन मुजाहिद ने किसी प्रकार की बैठक से इनकार भी नहीं किया।

तालिबान दे रहा है अमेरिका को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अप्रैल में ही अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा कर दी थी। वहीं 15 अगस्त को राष्ट्रपति गनी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद पूरे अफगान पर तालिबान का कब्ज़ा हो गया है। ऐसे में तालिबान लगातार अमेरिका पर दवाब बना रहा है कि बचे हुए सैनिकों को जल्द से जल्द अफगान से वापस बुला लिया जाए।

तालिबान की तरफ से प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा है कि 31 अगस्त तक कि निर्धारित समय सीमा तक सभी सैनिकों को अफ़ग़ान से बुला लिया जाए। इस समय सीमा को आगे बढ़ाना तालिबान स्वीकार नहीं करेगा। बता दें कि 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ान को छोड़ देने वाले थे।

अब भी काबुल में मौजूद हैं अमेरिकी सैनिक

काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अफ़ग़ान में तालिबान का शासन शुरू होते ही अफ़ग़ान की सड़कों से लेकर विश्विद्यालय तक में तालिबानी लड़के दिखाई दिए।जिसके बाद काबुल हवाईअड्डे पर लोगों का तांता नज़र आने लगा था।ये लोग किसी भी हालत में अफ़ग़ान को छोड़ देना चाहते थे।

जान माल की हानि से बचने और हालात को काबू करने के लिए एयरपोर्ट पर बेरिकेड कर दी गई। लोगों को वहां से निकालने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने सैनिकों को काबुल एयरपोर्ट पर तैनात भी किया है। इसी संदर्भ में तालिबानी प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि देश में जनजीवन सामान्य हो रहा है लेकिन हवाईअड्डे पर अव्यवस्था की समस्या बनी हुई है।

सैनिकों की जल्द वापसी के लिए हुई थी मीटिंग

अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद दोनों पक्षो के बीच पहली बार ये उच्च स्तरीय मीटिंग थी। जिसे गोपनीय रखा गया है। तालिबान चाहता है कि अमेरिका अपने सैनिकों और उन लोगो को अफगान से जल्दी निकाल ले, जो अफगान छोड़ कर जाना चाहते हैं।

india.com ने एक अर्टिकल में वॉशिंगटन पोस्ट का ज़िक्र करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख को काबुल भेजने का फैसला किया है। इसलिए इस मीटिंग को सैनिकों की वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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Sushma Tomar