अलीगढ के मन्नान वानी मामले में फिर मीडिया और अंधभक्तों की गधा लोटी शुरू हो गयी है, मन्नान वानी के आतंकियों से जुड़ने की खबर आते ही उसे यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया था, उसके बाद भी AMU को आतंक का गढ़ या देशद्रोहियों की शरणस्थली जैसे वाहियात शब्दों से पुकारा जा रहा है, चलिए ठीक है मन्नान वानी के कारन ही AMU को आतंक का गढ़ घोषित करा देते हैं।

मगर ज़रा रुकिए भक्तों और अपने गिरेबान में झाँक कर देख लीजिये, और नीचे दिए इन कुछ कुख्यात नामों और उनके कारनामों पर भी नज़र डाल लीजिये, फिर बताइये कि इन लोगों की वजह से क्या इन संगठनों, बलों, विभागों और एजेंसियों को भी आतंकी या देशद्रोही घोषित कराओगे ?

कुछ दिन पूर्व ही निशांत अग्रवाल को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है

दम है तो माधुरी गुप्ता, ध्रुव सक्सेना से लेकर निशांत अग्रवाल तक के खिलाफ आवाज़ें उठाओ और इन्हे कड़ी से कड़ी सज़ाएं देने का आह्वान करो, मगर तुम नहीं कर सकते क्योंकि इनमें से कोई मुसलामन जो नहीं है शायद, ये तुम्हारे दिमाग की कुलबुलाती कुंठा ही तो है जिसे हर मुसलमान आतंकी नज़र आता है, तुम्हें सरहद पर देश के लिए शहीद होते औरंगज़ेब जैसे जवान नज़र नहीं आते तुम्हे मन्नान वानी ही नज़र आता है, लानत ही तुम्हारे सेलेक्टिव जस्टिस पर, यही कुंठा तो इन असली देशद्रोहियों के हौंसले बुलंद किये हुए है।

सेलेक्टिव जस्टिस की बत्ती बनाकर कान खुजाते हुए इस सूची पर नज़र डालो और बताओ कि AMU – JNU के स्टूडेंट्स देशद्रोही हैं, भारतीय मुसलमान आतंकी या देशद्रोही हैं या फिर ये लोग-

नाम : माधुरी गुप्ता – (पूर्व राजनयिक)
आरोप : विश्व की खतरनाक खुफिया एजंसी ISI के लिए अपने ही देश की जासूसी की : 23 अप्रैल 2010 को गिरफ्तार – तीन वर्ष की सजा।

नाम : कुमार नारायण (वित्त विभाग का पूर्व अफसर)
आरोप : वित्त मंत्रालय में अहम फैसलों से जुड़ी फाइलों की फोटो कॉपी कराकर हर जानकारी अपने कंट्रोलर तक भेजना।
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नाम : सुब्बा राव (नेवल साइंटिस्ट)
आरोप : न्यूक्लियर सबमरीन अरिहंत प्रोजेक्ट की जानकारी पश्चिमी देशों को बेचने की कोशिश।
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नाम : रविंदर सिंह (रॉ अधिकारी)
आरोप : भारतीय खुफिया एजेंसी के लिए काम करने वाले रविंदर सिंह को एजेंसी से जुड़े अहम दस्तावेज की फोटो खींचते हुए कैमरे पर देखा गया था। जब तक रॉ अपने ही अफसर पर हाथ डाल पाती वो 14 मई 2004 को गायब हो गया। रविंद्र सिंह रॉ में ज्वाइट सेकेट्री स्तर का अफसर था। माना जाता है कि रविंदर सिंह ने रॉ से जुड़ी तमाम जानकारियां अपने अमेरिकी कंट्रोलर तक पहुंचाई थी। कानून की नजर में इस वक्त रविंदर सिंह भगोड़ा है।
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ये माधुरी गुप्ता हैं, पाकिस्तान में भारत की उच्चायुक्त रहते हुए आईएसआई को भारत की ख़ुफ़िया जानकारी देने के आरोप में दोषी करार दी जा चुकी हैं

नाम : मनमोहन शर्मा – (रॉ अधिकारी)मई 2008 में बीजिंग में तैनात रॉ के अफसर मनमोहन शर्मा पर जासूसी का आरोप लगा। कहा गया कि चीनी लड़की के प्यार में पड़कर शर्मा ने तमाम खुफिया जानकारी उगल दी थी।
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नाम : रवि नायर – (रॉ अधिकारी)
आरोप : हॉंगकॉंग से वापस बुला लिया गया। रवि नायर पर भी चीन की लड़की के प्यार में खुफिया जानकारी चीन को देने का आरोप लगा।
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नाम : कमोडोर सुखजिंदर सिंह – (नौ सेना अधिकारी)
आरोप : मास्को में तैनाती के दौरान रूसी महिला के साथ संबंध बनाने का दोषी, बर्खास्त करने के आदेश।
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नाम : यशोदानंद सिंह – रिटायर्ड CRPF सब इंस्पेक्टर
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचने वाले गिरोह का सरगना।
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नाम : विनोद पासवान
काम : हवालदार सी आर पी एफ
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे
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नाम : दिनेश सिंह
काम : हवालदार सी आर पी एफ
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे।

नाम : वंशलाल
काम : उत्तर प्रदेश पुलिस
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे।
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नाम : अखिलेश पाण्डेय
काम : उत्तर प्रदेश पुलिस
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे।
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नाम : राम किरपाल सिंह
काम : उत्तर प्रदेश पुलिस
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे।

नाम : नत्थी राम
काम : मोरादाबाद पुलिस अकादमी
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचे।
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नाम : निरंजन होजाई – (असम bjp नेता)
आरोप : 30 मई 2009 को आतंकियों को आर्थिक मदद का आरोप, उम्रकैद की सजा सुनाई।
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पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था ध्रुव सक्सेना

नाम : ध्रुव सक्सेना : (मध्य प्रदेश भाजपा आईटी सेल में जिला संयोजक )
आरोप : भाड़े पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करना।
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नाम : अच्युतानंद मिश्रा – (BSF कांस्टेबल)
आरोप : पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करना।
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नाम : निशांत अग्रवाल (ब्रह्मोस एयरोस्पेस के वरिष्ठ सिस्टम इंजीनियर)
आरोप : पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील सूचनाएं देना।
स्त्रोत सभी को पता है मामला अक्टूबर 2018 का ही है।

नाम : राजू कुजूर (सीएएफ छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स में कांस्टेबल)
आरोप : नक्सलियों को हथियार बेचना – 10 अक्टूबर 2018 को गिरफ़्तारी।

जासूसों की पूरी पूरी सूची यहाँ इस  लिंक  पर क्लिक करके भी देख सकते हैं!

हिम्मत है तो तुम्हारी AMU पर उठी इस ऊँगली को नीचे कर इससे टाइप कर लिख कर बताओ कि असली देशद्रोही और देश का गद्दार कौन है, अगर नहीं बता सकते तो आवाज़ नीचे करो और सेलेक्टिव जस्टिस के बदबूदार कीचड में लोट लगाते रहो, तुम एक ऊँगली उठाओगे तो हज़ार उँगलियाँ तुम्हारी ओर भी उठ जाएंगी।

जय हिन्द।