नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

नज़रिया – क्या देश के ही नागरिकों से भेदभाव कर विश्वशक्ति बन पायेगा भारत?

कल मेरे एक संघी मित्र ने कहा कि आप क्या सोचते हैं कि – “यदि देश का बटवारा नहीं हुआ होता तो आज भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति होता ?” मैंने कहा – “निश्चित रूप से परन्तु भारत दुनिया की एक बड़ी शक्ति बटवारे के बावजूद भी बन सकता था यदि देश में देशवासियों […]

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 नज़रिया – जनता किसी गिनती में भी है क्या ?

नज़रिया – जनता किसी गिनती में भी है क्या ?

आपकी तादाद सिर्फ “वोट” के लिए गिनी जाती है,की ये इतनी आबादी है,वरना बताइये कहा है आपकी गिनती? क्या समझते है आप 110000 हज़ार करोड़ के घोटालें,9000 करोड़ का गबन और 2 लाख करोड़ का स्कैम ये जो बड़ी बड़ी गिनतियां आपको गिनाई जा रही है ये क्या है। ये इतनी बड़ी बड़ी रकमें मज़ाक […]

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