19 दिसंबर के बाद 23 हत्याओ के ज़िम्मेदार की फोटो कब लगेगी योगी जी – अमीक जामेई

19 दिसंबर के बाद 23 हत्याओ के ज़िम्मेदार की फोटो कब लगेगी योगी जी – अमीक जामेई

लखनऊ, 6 मार्च 2020: संविधान बचाओ देश बचाओ अभियान SBDBA (उत्तर प्रदेश) के कन्वीनर अमीक जामेई ने लखनऊ प्रशासन द्वारा 19 दिसंबर प्रोटेस्ट में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को पहले दंगाई घोषित करना फिर उनके नाम फोटो होर्डिंग पर लगाने के मामले में घोर विरोध जताया है। उन्होने कहा अभी अदालत में मामला चल रहा […]

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 योगीराज में पुलिसिया कार्यवाही से खौफ मे हैं पश्चिम बंगाल के मज़दूर

योगीराज में पुलिसिया कार्यवाही से खौफ मे हैं पश्चिम बंगाल के मज़दूर

CAA-NRC के खिलाफ देशव्यापी कॉल में 19 दिसंबर को लखनऊ में राज्य द्वारा प्रायोजित हिंसा के बाद पुलिसिया दमन पूरे उत्तर प्रदेश मे देखने को मिला, हिंसा के उपरांत योगी सरकार की जेम्स बांड पुलिस इसे कश्मीरी व बंगलादेशी एंगल देने में जुट गयी। जिसका नतीजा यह निकला कि 300 के आस पास राज्य के […]

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  गालियों के साथ साथ कह रहे थे “मुल्ले ले तुझे आज़ादी दे देता हूँ”

 गालियों के साथ साथ कह रहे थे “मुल्ले ले तुझे आज़ादी दे देता हूँ”

देश मे चल रहे हालात ने नींद उड़ा दी है, सिर्फ एक ही बात बार बार सामने जाती है।  आखिर और कितना ? घरो में घुस कर महिलाओ पर हमला आख़िर मासूम बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा, आखिर बच्चों के दिमाग मे पुलिस की छवि कैसी बनेगी, क्या हमारे वतन का भविष्य उज्वल हो […]

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 एएसपी अखिलेश नारायण सिंह को चक दे इंडिया फिल्म देखनी चाहिए – रविश कुमार

एएसपी अखिलेश नारायण सिंह को चक दे इंडिया फिल्म देखनी चाहिए – रविश कुमार

मेरठ के एडिशनल एस पी अखिलेश नारायण सिंह का एक वीडियो देखा। इस वीडियो में वे दो तीन लोगों को पाकिस्तान भेजने की बात कर रहे हैं। उनकी उम्र के एक बुजुर्ग चुपचाप सुन रहे हैं। कहीं पढ़ा कि ए एस पी साहब ने कहा है कि लड़के पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे थे। […]

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 अलीगढ़ – दोपहिया वाहनों के साथ क्यों तोड़फोड़ कर रही थी पुलिस ?

अलीगढ़ – दोपहिया वाहनों के साथ क्यों तोड़फोड़ कर रही थी पुलिस ?

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशव्यापी विरोध और प्रदर्शन का सिलसिला थम नहीं रहा है। पूर्वोत्तर की आग दिल्ली पहुँच चुकी है। इस दौरान दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में 3 दिनों से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्यवाही से देश सकते में है। जामिया में हुई बर्बरता के […]

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 वाह यूपी पुलिस वाह, शांति की अपील कर रहे पत्रकार को ही किया गिरफ्तार

वाह यूपी पुलिस वाह, शांति की अपील कर रहे पत्रकार को ही किया गिरफ्तार

सुनकर कितना अजीब लगता है न कि एक व्यक्ति जो दंगाईयों को रोकने की कोशिश करता है। वो अभद्र टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध पुलिस में केस दर्ज करवाता है। वो लोगों से सभ्य भाषा का उपयोग करने की अपील करता है। इसी बीच कुछ नफ़रत के वाहक एक फोटो को एडिट करते हैं और […]

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 कमलेश तिवारी की हत्या पर पुलिस की थ्योरी पे उठते सवाल

कमलेश तिवारी की हत्या पर पुलिस की थ्योरी पे उठते सवाल

छह साल से लग्भग हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग सत्तारूढ़ दल, उसका पितृ संगठन, और उत्प्रेरक की भूमिका मे सरकार , देकर ध्रुवीकरण करने की कोरी कोशिश कर रही है। उनके इस एक सूत्री एजेंडे ने सरकार के मूल उद्देश्य और कार्य, गवर्नेंस, यानी सरकार चलाने का कार्य को नेपथ्य मे डाल दिया है। आर्थिक […]

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 गैंगेस्टर के नाम पर दलित, पिछड़े, मुसलमानों को मारी गई गोलियां – रिहाई मंच

गैंगेस्टर के नाम पर दलित, पिछड़े, मुसलमानों को मारी गई गोलियां – रिहाई मंच

लखनऊ/मुज़फ्फ़रनगर, 27 मई 2019: खतौली मुज़फ्फरनगर के शहजाद को सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने पर परिजनों द्वारा सवाल उठाने के बाद रिहाई मंच के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात की। प्रतिनिधिमंडल में रविश आलम, आशू चौधरी, इंजीनियर उस्मान, आश मुहम्मद, अमीर अहमद, आरिश त्यागी और साजिद शामिल रहे। मंच ने योगी द्वारा भाजपा की जीत […]

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 क्या सुबोध सिंह की हत्या के पीछे कोई साज़िश थी ?

क्या सुबोध सिंह की हत्या के पीछे कोई साज़िश थी ?

कल बुलंदशहर में जो लोहमर्षक घटनाक्रम सामने आया है उसके लिए मोब लिंचिंग बड़ा सॉफ्ट सा शब्द लग रहा है अब भीड़ किसी मुसलमान दलित को निशाना नही बना रही है अब उसके हाथ इन्स्पेक्टर रैंक के अधिकारियों तक पुहंच गए है. सारा घटनाक्रम सिर्फ दो घण्टे में ही निपट गया साफ है कि गोकशी […]

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 नज़रिया – फ़र्ज़ी मुठभेड़ें सिर्फ और सिर्फ एक हत्या है

नज़रिया – फ़र्ज़ी मुठभेड़ें सिर्फ और सिर्फ एक हत्या है

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, यह शब्द किसने और कहां ईजाद किया है, यह मैं नहीं बता पाऊंगा। पर पुलिस के कुछ मुठभेड़ों की वास्तविकता जानने के बाद, यह शब्द हत्या का अपराध करने की मानसिकता का पर्याय बन गया है। अगर सभी मुठभेड़ों की जांच सीआईडी से हो जाय तो बहुत कम पुलिस मुठभेड़ें कानूनन और सत्य […]

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