बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए

बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए

बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए। गोधरा को याद किजिए, उसके बाद हुए दंगों को याद कीजिए। दंगों के बाद गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री हरेन पांडया की हत्या के पसमंजर को देखिए। हरेन पांडया के माता-पिता के दुख को महसूस कीजिए। सोहराबुद्दीन शेख का फर्जी एनकाउंटर याद […]

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 दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह

दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह

ये उसी शिखर अग्रवाल की पोस्ट है जिसने तीन दिसंबर की सुबह को खेतों में गाय कटी हुई देखी। दो दिसंबर की सुबह में इसने सभी स्वयंसेवकों की मीटिंग रखी और अगले दिन गाय कटी हुई प्राप्त हुईं। यदि सही और ईमानदारी से जांच हो तो पता चलेगा कि गाय किन लोगों ने काटी और […]

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