नज़रिया – नसीरुद्दीन शाह ने कहा कुछ, गोदी मीडिया ने दिखाया कुछ

नज़रिया – नसीरुद्दीन शाह ने कहा कुछ, गोदी मीडिया ने दिखाया कुछ

नसीरूद्दीन शाह नालायक आदमी हैं। उन्हें जो डर अब महसूस हुआ देरी से हुआ। जब देश के सम्मानित लोग असहिष्णुता के चलते अपने अवॉर्ड वापस कर रहे थे तब वो कहां थे मुझे याद नहीं आ रहा। सच कहूं तो मुझे उम्मीद थी कि वो बोलेंगे मगर वो देर से बोले। बहरहाल बोले हैं तो […]

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 सुबोध कुमार सिंह हत्याकांड पर एक पूर्व आईपीएस का लेख

सुबोध कुमार सिंह हत्याकांड पर एक पूर्व आईपीएस का लेख

यह लेख उनके लिये है जो पुलिस विभाग में सेवा कर चुके हैं या अभी भी सेवारत हैं। जब हम पुलिस शब्द का उपयोग करते हैं तो, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक आसेतुहिमाचल एक वर्दीधारी का चेहरा सामने आ जाता है। रूप, रंग, भाषा में अलग अलग पर यूनिफार्म, कानून, अधिकार और शक्तियों में एक […]

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 बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए

बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए

बुलंदशहर की हिंसा की तह में जाने से पहले 2002 के गुजरात में जाइए। गोधरा को याद किजिए, उसके बाद हुए दंगों को याद कीजिए। दंगों के बाद गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री हरेन पांडया की हत्या के पसमंजर को देखिए। हरेन पांडया के माता-पिता के दुख को महसूस कीजिए। सोहराबुद्दीन शेख का फर्जी एनकाउंटर याद […]

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 दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह

दंगा भड़काने में रोड़ा बन रहे थे, शायद इसलिए मारे गए सुबोध कुमार सिंह

ये उसी शिखर अग्रवाल की पोस्ट है जिसने तीन दिसंबर की सुबह को खेतों में गाय कटी हुई देखी। दो दिसंबर की सुबह में इसने सभी स्वयंसेवकों की मीटिंग रखी और अगले दिन गाय कटी हुई प्राप्त हुईं। यदि सही और ईमानदारी से जांच हो तो पता चलेगा कि गाय किन लोगों ने काटी और […]

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 नज़रिया- इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के क़ातिलों को "भीड़" का नाम मत दीजिए

नज़रिया- इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के क़ातिलों को "भीड़" का नाम मत दीजिए

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के क़ातिलों को “भीड़” का नाम मत दीजिए प्लीज़….  वर्ना कई और सुबोध कुमार, कई और ज़ियाउल हक़ जैसे जम्हूरियत के रक्षक मौत के घाट उतारे जाते रहेंगे. और संविधान के क़ातिल भीड़ की “आड़” में छुपकर बचते रहेंगे. याद रखिए, दादरी में शहीद किए गए अख़लाक़ साहब के फ़्रिज में रखे […]

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 क्या सुबोध सिंह की हत्या के पीछे कोई साज़िश थी ?

क्या सुबोध सिंह की हत्या के पीछे कोई साज़िश थी ?

कल बुलंदशहर में जो लोहमर्षक घटनाक्रम सामने आया है उसके लिए मोब लिंचिंग बड़ा सॉफ्ट सा शब्द लग रहा है अब भीड़ किसी मुसलमान दलित को निशाना नही बना रही है अब उसके हाथ इन्स्पेक्टर रैंक के अधिकारियों तक पुहंच गए है. सारा घटनाक्रम सिर्फ दो घण्टे में ही निपट गया साफ है कि गोकशी […]

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