शराबबंदी नहीं ग़रीबबंदी हो रही है बिहार में

शराबबंदी नहीं ग़रीबबंदी हो रही है बिहार में

पिछले साल जुलाई में दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले मस्तान मांझी और पेंटर मांझी को शराब पीने के जुर्म में पांच साल और एक एक लाख का जुर्माना हुआ तब किसी की नज़र नहीं पड़ी। ग़रीब मारा जाता है तो वैसे भी कम सहानुभूति होती है। एक दिहाड़ी मज़दूर के लिए क्या इतनी सख़्त सज़ा की […]

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