क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

क्या दिल्ली में जो कुछ हुआ, वो किसी नफ़रती प्रोजेक्ट का हिस्सा है ?

यह ना संयोग है ना प्रयोग बल्कि एक प्रोजेक्ट है जिसे बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है। भारत को ‘हम’ और ‘वे’ में बांट देने का प्रोजेक्ट, जिसके लिये कई दशकों से प्रयास किया जा रहा था। दिमागों में पैदा किये गये विभाजन और हिंसा अब जमीन पर दिखाई पड़ने लगी है। जिसके […]

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 संघ के संबंध में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का सरदार पटेल को लिखे एक पत्र का अंश

संघ के संबंध में डॉ राजेन्द्र प्रसाद का सरदार पटेल को लिखे एक पत्र का अंश

छह साल से सरकार चलाने के बाद अगर आज भी भाजपा को दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए पाकिस्तान की दया पर निर्भर औऱ दंगों के षड़यंत्र का सहारा लेना पड़े तो यह इस सरकार के निकम्मेपन का सबसे बड़ा प्रमाण है। सरकार और भाजपा की खुद की ही हालत ऐसी हो गयी है, […]

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 क्या फ़ासीवाद के रास्ते पर जा रहा है भारत का भविष्य ?

क्या फ़ासीवाद के रास्ते पर जा रहा है भारत का भविष्य ?

ये मेरे देश के युवा हैं। मेरे शहर के युवा हैं। मेरे घर के युवा हैं.. अदरवाइज भले और मासूम व्यक्तित्व हैं। देश की आबादी का कोई 60 प्रतिशत युवा है। बांकेलाल के 37% समर्थकों में आधे यही युवा हैं, याने कोई 15 से 18% युवा ऐसी तख्तियों के साथ घूम रहे हैं। उग्रता के […]

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 पटेल ने तो गोडसे समर्थकों को 1948 में ही पागलों का झुंड और कायर कहा था

पटेल ने तो गोडसे समर्थकों को 1948 में ही पागलों का झुंड और कायर कहा था

संसद में 27 नवंबर को भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा गोडसे के महिमामंडन पर देश मे व्यापक निदात्मक प्रतिक्रिया हुयी और कल ही सरकार ने इन सारी प्रतिक्रियाओं से असहज होते हुये, आज 28 नवम्बर को बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की समिति से हटा दिया गया है। सांसद प्रज्ञा […]

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 1949 में संविधान और तिरंगे के बारे में क्या थे संघ के विचार

1949 में संविधान और तिरंगे के बारे में क्या थे संघ के विचार

आरएसएस देश की मुख्य धारा से अपने जन्म के समय से ही अलग रहा है। 1925 में अपनी स्थापना के बाद से ही, संघ का चाल चरित्र चेहरा, भारत के अंदर विद्यमान लोकप्रिय और प्रमुख धारा से अलग ही अपनी बात कहता रहा है। संघ अपनी विचारधारा को राष्ट्रवादी विचारधारा कह कर प्रचारित करता है […]

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 नितिन गडकरी मोदी को चुनौती दे रहे हैं या अपना बचाव कर रहे हैं

नितिन गडकरी मोदी को चुनौती दे रहे हैं या अपना बचाव कर रहे हैं

नितिन गडकरी फिर बोले हैं और कहा कि जनता सपने दिखा कर पूरे न करने वाले नेताओं की पिटाई भी करती है. ज़ाहिर है उनकी इस टिप्पणी को मोदी के ही संदर्भ में देखा जाएगा. पहले भी इसी तरह के बयान देकर वो मोदी को परोक्ष चुनौती दे चुके हैं. क्या ये समझा जाये कि […]

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 राष्ट्र निर्माण का मापदंड क्या है ?

राष्ट्र निर्माण का मापदंड क्या है ?

कभी संघ के विचारक देश के विकास के रूप में विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थान, शोध संस्थान, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि, अश्विनीकुमारों के नाम पर, ( ये नाम भी भारतीय परंपरा के चिकित्सा शास्त्र से जुड़े प्रसिद्ध नाम हैं और संघ इन नामों पर अपना कॉपीराइट समझता है ) बड़े बड़े प्रतिभा सम्पन्न अस्पताल, चिकित्सा केंद्र , नालंदा […]

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 नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

नज़रिया – बदले बदले से मोहन भागवत, आखिर माजरा क्या है ?

संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके भाषण के निहितार्थ निकालने में लगे हैं। जिनका संघ के बारे में अध्ययन नहीं है, वे इसे संघ में बदलाव की संज्ञा दे रहे हैं। लेकिन न संघ बदला है, न ही कभी बदलेगा। दरअसल मोहन भागवत के भाषण को उसके […]

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 " हिंदू तालिबान " बन चुके न्यू इण्डिया में आपका स्वागत है

" हिंदू तालिबान " बन चुके न्यू इण्डिया में आपका स्वागत है

देश में ख़ास तौर से उत्तर भारत के राज्य हरियाणा, उत्तरप्रदेश दिल्ली में नफ़रत का स्तर का अंदाज़ा आप इस खबर से लगा सकते हैं. क्या ये आपको वसुधैव कुटुम्बकम वाले लोग नज़र आते हैं. जिस क्षेत्र में ये सब संघी तालिबानी फरमान जारी हुआ है, उस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय आर्थिक और सामजिक रूप […]

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 नज़रिया – आरएसएस की भागीदारी के बगैर सफल नहीं होता कोई आंदोलन

नज़रिया – आरएसएस की भागीदारी के बगैर सफल नहीं होता कोई आंदोलन

अपनी आंखें बंद कीजिए और सोचिए। क्या आजाद भारत में कभी आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक की भागीदारी के बगैर कोई आंदोलन कामयाब हुआ है? आजादी के लिए हुए आंदोलनों में जरूर आरएसएस अलग रहा, लेकिन आजादी के बाद हुए आंदोलनों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसकी हर उस आंदोलन में भागीदारी रही है, जो […]

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