प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

प्रेस की आज़ादी के इंडेक्स में हम थोड़ा और लुढ़के

जहां प्रेस कभी एक मिशन रहा हो और, लोकमान्य तिलक के केसरी, महात्मा गांधी का यंग इंडियन, गणेश शंकर विद्यार्थी के प्रताप जैसे अखबारों ने ब्रिटिश साम्राज्य की कभी नींद हराम कर रखी हो, जिस देश की संस्कृति में ईश्वर की आलोचना और निंदा को कभी किसी अपराध की श्रेणी में न रखा गया हो, […]

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