योर ऑनर ! हैव यू नो ऑनर?

योर ऑनर ! हैव यू नो ऑनर?

लोकतंत्र के तीन कंगूरे हैं- व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, और न्यायपालिका। एकतरफा जनमत देकर, और विपक्ष को लंगड़ा लूला करके, व्यवस्थापिका को 23 करोड़ वोटों ने ढहा दिया। कार्यपालिका की विश्वसनीयता 353 की मेजोरिटिज्म तले कुचली गयी। मगर न्यापालिका को नपुसंक करने में अकेले रंजन गोगोई का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। जजों की उस ऐतिहासिक प्रेस कान्फ्रेंस में […]

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