विचार – प्रेम की ज्योति को जलाने की ज़रूरत है

विचार – प्रेम की ज्योति को जलाने की ज़रूरत है

बदलते परिवेश में बहुत कुछ बदल चुका है संघर्ष के मायने ,सत्य का अर्थ सच्चाई ,अहिंसा सब कुछ अपने अपने वास्तविक अर्थो से परे हो गए है। हिंसा अब अहिंसा का अंग बन गई और असत्य अब सत्य से आगे चलता है। भावना ,संवेदना सिर्फ दिखावे तक ही सीमित है ये सब व्यक्तिगत स्वार्थ के […]

Read More