करुणा और ममता के सागर से भरी होती है "मां"

करुणा और ममता के सागर से भरी होती है "मां"

एक ऐसा शब्द जिसमे संसार की करुणा और ममता का सागर भरपूर मात्रा में हमेशा भरा रहता है । जिसकी कीमत न कोई चुका पाया है और न चुका पायेगा । माँ भी वही  इंसानी हाड़ की एक शाखा है  जो वही  दो आँख, दो पैर , नाक,  रूप व चाल ढाल ,शारीरिक संरचना , […]

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