फोर्ब्स की सौ शाक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल मायावती

फोर्ब्स की सौ शाक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल मायावती

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता मायावती पिछले 20 सालों में एक सशक्त महिला राजनेता के रूप में उभर कर सामने आई है। चार बार उत्तर प्रदेश की बागडोर संभालने वाली मायावती ने बहुजनों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कई सारे काम किए हैं और उनके बीच सबसे लोकप्रिय राजनेता रही […]

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 क्या मायावती के अकेले चुनाव लड़ने से भाजपा फ़ायदे में रहेगी ?

क्या मायावती के अकेले चुनाव लड़ने से भाजपा फ़ायदे में रहेगी ?

बहन मायावती राजनीति में एक ऐसा नाम है जिनकी कोई थाह नहीं ले सकता है,1984 से सियासत में आयी मायावती कब क्या सोच रही होती हैं इसे उनके करीबी भी नही जान और समझ पाते हैं,यही वजह है कि वो कब क्या फैसला लेंगी ये जानना आसान नही है। यूपी मे दो बार भाजपा के […]

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 दलित एवं पिछड़ों की आवाज़ थे कांशीराम

दलित एवं पिछड़ों की आवाज़ थे कांशीराम

अलग अलग समय पर दुनिया भर में सामाजिक अत्याचारों और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष होते रहे हैं.इन संघर्षों से कई बड़े नेता उभर कर सामने आते रहे हैं.जैसे दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय भेदभाव के विरुद्ध नेल्सन मंडेला, अमरीका में अब्राहम लिंकन एवं मार्टिन लूथर किंग. भारत में भी जात-पात, छुआछूत तथा नस्लीय भेदभाव के विरुद्ध […]

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 जब साथ आये थे कांशीराम और मुलायम

जब साथ आये थे कांशीराम और मुलायम

बाबरी मस्जिद राम मंदिर विवाद के दौर की बात है,बाबरी मस्जिद ढहा दी गयी थी,चारों तरफ हाहाकार सा मचा हुआ था,राजनितिक स्थिति भी बेहतर नही थी,और बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद बर्खास्त हो चुकी सरकार को दोबारा चुने जाने के लिए चुनाव होना था | भाजपा पूरी तेयारी में थी क्यूंकि उसके पास “राम […]

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 जब कांशीराम ने किया था, मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का वादा

जब कांशीराम ने किया था, मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का वादा

देश में जब कभी पिछड़ी जाति और दलित वर्ग के अधिकारों की बात की जाती है, तो सबसे पहले जुबान पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, कांशीराम का नाम आता है.लेकिन 21वीं सदी में जिस महिला दलित नेता ने ना केवल उत्तर भारत अपितु शेष भारत पर भी अपनी छाप छोड़ी, वह हैं ‘मायावती’. मायावती वो नाम […]

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