हिंदी में आंचलिक कथा की नींव रखी थी फणीश्वरनाथ रेणु ने

हिंदी में आंचलिक कथा की नींव रखी थी फणीश्वरनाथ रेणु ने

फणीश्वरनाथ रेणु अपने आंचलिक साहित्य के लिए काफी प्रिसिद्ध हैं. उनकी कहानियां अपनी संरचना, प्रकृति शिल्प और रस में हिंदी कहानियों की परंपरा में एक अलग और नई पहचान लेकर उपस्थित होती रही हैं. प्रारंभिक जीवन हिन्दी कथा साहित्य के महत्त्वपूर्ण रचनाकार फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ का जन्म 4 मार्च 1921 को बिहार के पूर्णिया ज़िला के […]

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