देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

देश के लिए धर्मनिरपेक्षता और संविधान का महत्व

एक वक्त वह भी था जहां हम भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और विभिन्न संप्रदायों के समूहों का देश, के रूप में देख सकते थे और इस बाबत संविधान या किसी और दस्तावेज़ में किसी प्रकार की कोई घोषणा करने की कहीं जरूरत नहीं थी. ना ही किसी प्रकार के आधिकारिक ऐलान की जरूरत थी. […]

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 सज़ा का मक़सद केवल दोषी को सुधारना नही होता

सज़ा का मक़सद केवल दोषी को सुधारना नही होता

यह एक गलत तर्क है कि सजा का मकसद केवल दोषी को सुधारना होता है, सजा का मकसद केवल दोषी को सुधारना नहीं बल्कि अन्य लोगो को गलत कार्य और उसके परिणाम के प्रति चेताना भी होता है। मतलब बुरे काम का बुरा नतीजा आना आवश्यक है। अगर बुरे काम के भी अच्छे नतीजे आने […]

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