जो आज साहिबे मसनद हैं, कल नहीं होंगे

जो आज साहिबे मसनद हैं, कल नहीं होंगे

कुछ भी स्थायी नहीं है ! आज के युग के युवा ये चीज़ भूल चुके हैं और शायद यही गलती हर युग में लोग करते हैं और ये स्वाभिवक भी है क्योंकि कल किसने देखा सिवाय किताबों के,आज हैं तो हम हैं और हम हैं तो हम ही हैं. कभी दुनिया जीतने निकले सिकन्दर का […]

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