खुशवंत सिंह ने कहा था – विविधतावादी को नकारना, भारत की अवधारणा के खिलाफ है

खुशवंत सिंह ने कहा था – विविधतावादी को नकारना, भारत की अवधारणा के खिलाफ है

अंग्रेजी के प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक खुशवंत सिंह का यह उद्धरण,  द एंड ऑफ इंडिया, जो 2003 में प्रकाशित उनकी पुस्तक है, से लिया गया है। इस उद्धरण का पहले हिंदी अनुवाद पढ़ें ‘हर फ़ासिस्ट सरकार को ऐसे समाज और समूहों की आवश्यकता पड़ती है, जिनका आसुरिकरण कर वे अपनी जड़ें जमा सकें। शुरुआत में […]

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 क्या आपने पढ़ा है खुशवंत सिंह की "ट्रेन टू पाकिस्तान"

क्या आपने पढ़ा है खुशवंत सिंह की "ट्रेन टू पाकिस्तान"

देश के जाने माने लेखकों एवं पत्रकारों में अपना अलग स्थान बनाने वाले जिंदादिल इंसान के रूप में विख्यात खुशवंत सिंह ने बंटवारे जैसे बेहद गंभीर विषय पर एक पुस्तक ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ लिखकर लोगों को अपनी कलम की जादूगरी से अभिभूत कर दिया था. यह उपन्यास अगस्त 1956 में पहली बार प्रकाशित हुआ था.अब […]

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 क्या आपने खुशवंत सिंह का उपान्यास "सनसेट क्लब पढ़ा है ?

क्या आपने खुशवंत सिंह का उपान्यास "सनसेट क्लब पढ़ा है ?

“सनसेट क्लब” राजपाल प्रकाशन से आया ये उपन्यास उन तीन बूढें दोस्तों की दोस्तों की दास्तां जो हर शाम में वहां आतें थे और फिन भर की बातों को दुनिया से अलग बेठें एक दूसरे से बयान करतें थे। लेकिन इस बात को किस तरह शब्दों की खूबसूरती में उकेरते हुए लिखा जा सकता है […]

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