मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

मोदी की जीत भारतीय राजनैतिक चेतना का तीसरा सोपान है

पिछड़ों और दलितों की राजनीति ने 20 साल में ही वह गलती दुहरा दी, जिसे करने में कांग्रेस ने करीब 40 साल लगाए थे. यानी वे उन्हीं पुराने मुहावरों और मुद्दों पर चुनाव लड़ते रह गए जो कब के बासी हो चुके थे और वर्तमान जनमानस की हसरतों से मेल नहीं खाते थे. लोकसभा चुनाव […]

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 जब कांशीराम ने किया था, मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का वादा

जब कांशीराम ने किया था, मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का वादा

देश में जब कभी पिछड़ी जाति और दलित वर्ग के अधिकारों की बात की जाती है, तो सबसे पहले जुबान पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, कांशीराम का नाम आता है.लेकिन 21वीं सदी में जिस महिला दलित नेता ने ना केवल उत्तर भारत अपितु शेष भारत पर भी अपनी छाप छोड़ी, वह हैं ‘मायावती’. मायावती वो नाम […]

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